वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया 3F का फॉर्मूला, बताया वैश्विक संकट से निपटने का तरीका
Introduction (परिचय): वैश्विक अनिश्चितताओं और ईंधन (Fuel) की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 3F (फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स) पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। सिडबी (SIDBI) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने देश में डर और निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों को करारा जवाब दिया और कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह मजबूत है।
मुख्य बिंदु:
- क्या है 3F का फॉर्मूला?: वित्त मंत्री ने ‘3Fs’ यानी फ्यूल (Fuel – ईंधन), फर्टिलाइजर (Fertilizer – उर्वरक) और फॉरेक्स (Forex – विदेशी मुद्रा) पर विशेष फोकस करने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के कारण वैश्विक स्तर पर दबाव बढ़ा है, जिससे उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं।
- बढ़ती ईंधन कीमतों पर चिंता: यह बयान ऐसे समय में आया है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हाल ही में पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हुआ है, जिससे घरेलू बजट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव बढ़ा है।
- निराशावादी सोच पर निशाना: वित्त मंत्री ने उन आलोचकों की कड़ी आलोचना की जो देश में नकारात्मकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत डर फैलाने वाली बातों को बर्दाश्त नहीं कर सकता। चुनौतियां ज्यादातर बाहरी कारणों (वैश्विक संकट) से हैं, लेकिन हमारी घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत है।”
- MSME के 8.1 लाख करोड़ के फंसे भुगतान पर चिंता: निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के फंसे हुए 8.1 लाख करोड़ रुपये के भुगतान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि MSME का भुगतान तय 45 दिनों की समय सीमा के भीतर कर दिया जाए, ताकि उनकी वर्किंग कैपिटल प्रभावित न हो।
Conclusion (निष्कर्ष): वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार बाहरी झटकों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक विजन के साथ काम कर रही है। सरकार ने तेल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल पर ड्यूटी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किए हैं ताकि आम जनता और व्यापार जगत को राहत दी जा सके।
