कांग्रेस में शामिल होंगे रविंद्र सिंह भाटी? मिला ये बड़ा संकेत

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राजस्थान: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। गिरल लिग्नाइट माइंस मजदूर आंदोलन के दौरान उनके विरोध प्रदर्शन ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इतना ही नहीं, अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या रविंद्र सिंह भाटी जल्द कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं?

गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर हुआ आंदोलन

दरअसल, बाड़मेर स्थित गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 39 दिनों से मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब कई लोगों को काम से हटाया जा रहा है।

इसी आंदोलन को समर्थन देने के लिए शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं।

खुद पर पेट्रोल डालने से मचा हड़कंप

मंगलवार को गिरल लिग्नाइट माइंस में मजदूर महासम्मेलन और आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में मजदूर और ट्रक चालक शामिल हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की तरफ जाने लगें।

इसी दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक रविंद्र सिंह भाटी पुलिस कार्रवाई के विरोध में आक्रोशित होकर खुद पर पेट्रोल उड़ेलने लगे। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें रोक लिया।

इस घटना के बाद भाटी का विरोध प्रदर्शन पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया।

कांग्रेस ने किया खुलकर समर्थन

रविंद्र सिंह भाटी के इस आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का कांग्रेस ने खुलकर समर्थन किया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का 38 दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। शिव विधायक श्री रविंद्र सिंह भाटीभी 15 दिनों से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं, परन्तु न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया। इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए। भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यानाकर्षण के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए।”

https://twitter.com/ashokgehlot51/status/2056781430534058026?s=20

टीकाराम जूली ने भी साधा सरकार पर निशाना

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रविंद्र सिंह भाटी का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:

“बाड़मेर की गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के हक की लड़ाई में पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे शिव विधायक श्री रविन्द्र सिंह भाटी जी को भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा और वहां अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा। यह लोकतंत्र पर कलंक है। भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है, तो आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। मैं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूँ कि तत्काल इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों और विधायक से तुरंत वार्ता करें और उनकी मांगों का ठोस एवं सकारात्मक समाधान निकाला जाए l”

क्या कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं भाटी?

अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कांग्रेस अचानक रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन में इतनी सक्रिय क्यों दिखाई दे रही है?

कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह कांग्रेस नेताओं ने खुलकर भाटी का समर्थन किया है, उससे उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक रविंद्र सिंह भाटी या कांग्रेस की ओर से इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आंदोलन के पीछे क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के अपने वादों से पीछे हट रही है। इसी को लेकर मजदूर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और अब यह आंदोलन राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।

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