Delhi-NCR Weather Update: 27 मई को फिर पड़ेगी झुलसाने वाली गर्मी, राहत के लिए करना होगा इंतजार

0
pm modi shapath

दिल्ली-NCR में गर्मी अब लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने लगी है। 27 मई को भी राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा। सुबह से ही मौसम गर्म रहेगा और दोपहर तक हालात बेहद परेशान करने वाले हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आज तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है, जबकि कई इलाकों में लू चलने की भी संभावना है।

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में रहने वाले लोगों को दिन के समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।

सुबह से ही दिखेगा गर्मी का असर

सुबह के समय भले ही हल्की हवा महसूस हो, लेकिन सूरज निकलते ही गर्मी तेजी से बढ़ने लगेगी। दिन चढ़ने के साथ सड़कें तपती नजर आएंगी और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। कई इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल बारिश के आसार बेहद कम हैं, हालांकि शाम के समय कुछ जगहों पर हल्के बादल या धूलभरी आंधी देखने को मिल सकती है।

कब मिलेगी राहत?

भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत की खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई की रात या 29 मई से मौसम बदल सकता है। तेज हवाओं और हल्की बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो दिल्ली-NCR के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?

विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान और पश्चिमी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं दिल्ली-NCR में तापमान बढ़ा रही हैं। इसके अलावा लगातार साफ आसमान और तेज धूप की वजह से जमीन तेजी से गर्म हो रही है, जिसका असर पूरे इलाके में महसूस किया जा रहा है।

क्या करें और क्या नहीं?

  • बिना जरूरत दोपहर में घर से बाहर न निकलें
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
  • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
  • धूप में निकलते समय सिर जरूर ढकें
  • खाली पेट बाहर जाने से बचें

फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को एक-दो दिन और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि महीने के आखिर तक मौसम बदलने के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं।

Leave a Reply

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading