बिहार TRE-3 शिक्षक भर्ती: NIOS से 18 महीने का D.El.Ed करने वाले शिक्षकों पर गिरी गाज, सेवा समाप्त करने के आदेश

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बिहार में TRE-3 शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र के जरिए उन सभी शिक्षकों की नौकरी खत्म करने का निर्देश दिया गया है, जिन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से 18 महीने का D.El.Ed (डीएलएड) कोर्स किया था और साल 2024 में TRE-3 बहाली के तहत नौकरी पाई थी।

आखिर क्यों जा रही है इन शिक्षकों की नौकरी?

शिक्षा विभाग द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के पीछे भर्ती नियमों का हवाला दिया गया है। TRE-3 नियुक्ति के विज्ञापन (कंडिका-2 B (iv)) में साफ तौर पर यह प्रावधान था कि बिहार शिक्षा विभाग के 07 दिसंबर 2023 के आदेश के मुताबिक, NIOS की तरफ से कराए जाने वाले 18 महीने के D.El.Ed कोर्स को इस भर्ती प्रक्रिया के लिए मान्य नहीं माना जाएगा।

इसी नियम का पालन करते हुए अब सरकार ने इन सभी नियुक्तियों को अमान्य (Cancel) घोषित कर दिया है और प्रभावित शिक्षकों की सेवा को तुरंत समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षकों के बीच बढ़ा तनाव

इस अचानक आए सरकारी आदेश के बाद पूरे बिहार में कार्यरत ऐसे शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया है। कई जिलों में ऐसे शिक्षक पहले से ही अपनी सेवाएं दे रहे थे, जिन पर अब सीधे तौर पर बेरोज़गारी का संकट मंडराने लगा है। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक बारीकियों पर भी विचार किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर

गौरतलब है कि इससे पहले देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने भी अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ कर दिया था कि NIOS द्वारा संचालित 18 महीने का डीएलएड डिप्लोमा कोर्स, सामान्य 2 साल के रेगुलर डिप्लोमा कोर्स के बराबर योग्य नहीं माना जा सकता। इसी वजह से देश के कई राज्यों में 18 महीने का यह कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है।

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