अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला, पत्थरबाजी का आरोप, टीएमसी नेता ने भाजपा पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार मामला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि उनके परिवार के घर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने पत्थरबाजी की, जिससे घर की पहली मंजिल की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है।
अभिषेक बनर्जी ने क्या दावा किया?
अभिषेक बनर्जी ने X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि तड़के सुबह एक व्यक्ति बाइक से उनके घर के बाहर पहुंचा, बाइक रोककर बार-बार बड़े पत्थर घर की ओर फेंके और फिर मौके से फरार हो गया।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “बंगाल में @BJP4India के गुंडा राज के तहत हिंसा पूरी तरह से सामान्य हो गई है। आज सुबह तड़के एक व्यक्ति मेरे परिवार के घर के बाहर आया, अपनी बाइक रोकी और बार-बार मेरे घर पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके, जिससे पहली मंजिल की खिड़कियां टूट गईं। यह केवल कानून-व्यवस्था का पतन नहीं है, बल्कि हिंसा का खतरनाक संस्थागतकरण है।”
पुलिस और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “पुलिस कहाँ थी? किसके निर्देश पर इस बदमाश ने इतना दुस्साहसी हमला किया और पूरी तरह से बेखौफ होकर बच निकला? यही है आज बंगाल की भयावह वास्तविकता, जहाँ हिंसा को सामान्य बना दिया गया है और अपराधियों को संरक्षण मिलने का विश्वास है।”
हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच या हमलावर की पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
टीएमसी के लिए मुश्किलों का दौर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तृणमूल कांग्रेस पहले से ही कई राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के कुछ बैंक खातों के फ्रीज होने के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
इसके अलावा हाल के दिनों में पार्टी के कुछ नेताओं को लेकर भी विवाद सामने आए हैं और कई जगहों पर जनता के विरोध की घटनाएं भी चर्चा में रही हैं। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है।
अभिषेक बनर्जी के घर पर कथित पत्थरबाजी की घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर टीएमसी इसे राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बता रही है, वहीं मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगी।
