“वो सोते नहीं, जाग रहे होंगे”: जब डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह 6 बजे पीएम मोदी को फोन मिलाने की जिद की
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दुनिया का सबसे ताकतवर देश… वैश्विक राजनीति के सबसे चर्चित और आक्रामक नेताओं में से एक डोनाल्ड ट्रंप… और सुबह के ठीक 6 बजे अचानक ट्रंप कहते हैं—”चलो, अभी पीएम मोदी को फोन लगाते हैं।”
पास खड़े अधिकारी हैरान रह जाते हैं और याद दिलाते हैं कि सर, भारत में अभी सुबह के सिर्फ 6 बजे हैं, वहां लोग सो रहे होंगे। लेकिन ट्रंप का जवाब किसी को भी हैरान कर सकता है। उन्होंने बिना एक पल गंवाए कहा—”पीएम मोदी जाग रहे होंगे… वो मेरी तरह हैं… वो सोते नहीं।” यह किसी हॉलीवुड या बॉलीवुड फिल्म का थ्रिलर डायलॉग नहीं है, बल्कि अमेरिकी राजनीति के शीर्ष हलकों से निकला वो सच है जिसे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने खुद एक कार्यक्रम में सार्वजनिक किया है।
“वो सोते नहीं…” – जब मियामी में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़ा
सर्जियो गोर ने एक कार्यक्रम में इस दिलचस्प वाकये को साझा करते हुए बताया कि कुछ समय पहले वह मियामी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यक्रम खत्म होते ही ट्रंप के मन में भारत-अमेरिका संबंधों और अपने दोस्त को लेकर एक विचार आया और उन्होंने तुरंत फोन मिलाने को कहा। जब उन्हें समय के अंतर (Time Difference) का अहसास कराया गया, तो उनका यह कहना कि “मोदी जाग रहे होंगे” यह दिखाता है कि दुनिया के दो सबसे बड़े नेता एक-दूसरे की कार्यशैली से कितने गहरे से परिचित हैं। हालांकि, ठीक उसी वक्त ट्रंप का नाम मंच पर पुकार लिया गया, जिसकी वजह से उस समय दोनों नेताओं के बीच बातचीत नहीं हो सकी, लेकिन यह किस्सा वैश्विक कूटनीति के कई बड़े राज खोल जाता है।
यह कहानी सिर्फ एक अनौपचारिक फोन कॉल की नहीं है, बल्कि यह उस अटूट विश्वास और निजी तालमेल की गवाही है जो आज भारत और अमेरिका के राष्ट्रप्रमुखों के बीच स्थापित हो चुका है। जब दो देशों के नेता सिर्फ कागजी या औपचारिक साझेदार नहीं होते, बल्कि सच्चे दोस्त बन जाते हैं, तब कूटनीति कैलेंडर देखकर या समय नापकर नहीं की जाती।
जी-7 के ‘बॉस’ के मन में पीएम मोदी का सम्मान
सोचिए, जो नेता खुद को दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक मंचों जैसे जी-7 में ‘बॉस’ की तरह पेश करता है, जो दुनिया के बड़े-बड़े देशों को अपने इशारों पर नचाने की हैसियत रखता है, वो नेता भारत के प्रधानमंत्री से बात करने के लिए घड़ी का कांटा नहीं देखता। वो पूरे भरोसे के साथ कहता है कि फोन लगाओ, वो जाग रहे होंगे।
यह वाकया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस वैश्विक छवि को दर्शाता है, जिसे उन्होंने पिछले एक दशक में कड़ी मेहनत से कमाया है। आज दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता भी यह मानते हैं कि भारत का प्रधानमंत्री चौबीसों घंटे देश को आगे बढ़ाने और वैश्विक प्राथमिकताओं पर काम करने में जुटा रहता है।
व्यापार से लेकर एआई (AI) तक: अंतिम चरण में महासमझौता
सर्जियो गोर ने अपने संबोधन में सिर्फ इस किस्से को ही साझा नहीं किया, बल्कि उन्होंने यह भी साफ किया कि राष्ट्रपति ट्रंप आज भी अपनी भारत यात्रा की यादों को बेहद संजोकर रखते हैं। ट्रंप प्रशासन भारत के साथ रिश्तों को रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण मानता है। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार, आधुनिक तकनीक, रक्षा सौदों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं अब नए आयाम छू रही हैं।
सबसे बड़ी और राहत की खबर यह है कि भारत-अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता (Trade Agreement) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राजनयिकों का मानना है कि इस महासमझौते को अंतिम रूप देने में मोदी और ट्रंप के व्यक्तिगत संबंध सबसे बड़ी उत्प्रेरक (Catalyst) भूमिका निभा रहे हैं।
वैश्विक मंच पर भारत की नई हनक
यही वजह है कि यह किस्सा इस समय सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। लोग इसे केवल एक दिलचस्प घटना के तौर पर नहीं देख रहे, बल्कि इसे पीएम मोदी की अथक कार्यशैली और वैश्विक नेताओं पर उनके व्यक्तिगत प्रभाव के रूप में देख रहे हैं। सुबह के ठीक 6 बजे दुनिया का सबसे शक्तिशाली नेता भारत फोन मिलाने को तैयार बैठा था, क्योंकि उसे अपनी खुफिया रिपोर्ट पर नहीं, बल्कि अपने दोस्त की मेहनत पर पूरा भरोसा था कि भारत का प्रधानमंत्री अभी सो नहीं रहा होगा, बल्कि देश की तकदीर लिखने में व्यस्त होगा। यही वो नई कूटनीतिक हनक है, जिसकी चर्चा आज दिल्ली से लेकर वॉशिंगटन तक हो रही है।
