Modi Government Ration Rules: अंत्योदय (AAY) लाभार्थियों को अब प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलेगा राशन? जानिए नया नियम

0
Blog-Banner-for-Website-Content-12

नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों (Ration Card Holders) और मुफ्त अनाज योजना का लाभ ले रहे लाभार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार देश की राशन वितरण प्रणाली में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक 2026 (National Food Security Amendment Bill 2026) लाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे अंत्योदय और अन्य राशन लाभार्थियों को मिलने वाले अनाज के कोटे और वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

क्या होने जा रहा है सबसे बड़ा बदलाव?

इस संशोधन विधेयक का सबसे मुख्य फोकस अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थियों और प्रति व्यक्ति अनाज वितरण के मौजूदा नियमों में सुधार करना है। अब तक अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को प्रति परिवार के हिसाब से एक निश्चित मात्रा में (जैसे 35 किलोग्राम) राशन मिलता रहा है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो। लेकिन नए संशोधन के तहत इसे और अधिक तार्किक और जरूरत-आधारित बनाने के लिए प्रति व्यक्ति‘ (Per Person) अनाज वितरण के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बड़े परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त अनाज मिल सके।

पारदर्शिता और लीकेज रोकने पर जोर

सरकार का उद्देश्य इस संशोधन के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पूरी तरह पारदर्शिता लाना और अनाज की कालाबाजारी या लीकेज को रोकना है। इसके तहत डिजिटल राशनिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) जैसी व्यवस्थाओं को कानूनी रूप से और ज्यादा मजबूत किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश के सबसे गरीब तबके के हर एक व्यक्ति तक तय मात्रा में पोषक अनाज पहुंचे।

किसे और कैसे होगा फायदा?

  • बड़े गरीब परिवारों को राहत: नए नियम लागू होने से जिन अंत्योदय परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से ज्यादा अनाज मिल सकेगा।
  • सटीक टार्गेटिंग: फर्जी या अपात्र राशन कार्ड धारकों को सिस्टम से बाहर करने में मदद मिलेगी, जिससे वास्तविक हकदारों को उनका पूरा हक मिल सके।
  • पोषक अनाज का वितरण: गेहूं और चावल के अलावा मोटे अनाजों (Millets) को भी इस नई वितरण प्रणाली में प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।

संसद के आगामी सत्र में आ सकता है विधेयक

सूत्रों के मुताबिक, इस संशोधन विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसे संसद के आगामी सत्र में पेश किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि कोरोना काल से चल रही मुफ्त राशन योजना के बाद अब देश की खाद्य सुरक्षा नीति को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने का यह सही समय है।

Leave a Reply

What’s next

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading