पश्चिम बंगाल में ‘सोना घोटाला’: पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता और टीना भौमिक के ठिकानों से करोड़ों का सोना जब्त, TMC पर उठे गंभीर सवाल

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर राजनीतिक पारा एक बार फिर गरमा गया है। केंद्रीय और स्थानीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के ‘काले साम्राज्य’ से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जबरन वसूली और हफ्ता वसूली के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए सोने में किए गए भारी निवेश का पर्दाफाश हुआ है। हालिया कार्रवाई में टीएमसी के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता और उनके करीबियों पर कानून का शिकंजा कसा है, जिसके बाद विपक्ष और जनता ममता सरकार पर हमलावर हैं।

सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी और ‘एग थेरेपी’

शहर में कभी अपनी रसूख और कथित दादागिरी के लिए जाने जाने वाले टीएमसी के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय जनता का भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित लोगों ने पूर्व मेयर पर अंडे बरसाए, जिसे बंगाल की राजनीति और सोशल मीडिया पर आजकल ‘एग थेरेपी’ का नाम दिया जा रहा है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जबरन वसूली और कमीशनखोरी से कमाए गए काले धन को सिर्फ कैश में रखने के बजाय बड़े पैमाने पर सोने में निवेश किया गया था। सब्यसाची दत्ता के राजारहाट स्थित फ्लैट और बैंक लॉकर की तलाशी के दौरान पुलिस को लगभग साढ़े तीन किलो सोना बरामद हुआ है।

नादिया जिले में आधी रात को रेड: टीना भौमिक के घर मिला सोने का जखीरा

सब्यसाची दत्ता से पूछताछ के बाद इस भ्रष्टाचार के तार नादिया जिले से जुड़े। पुलिस की एक विशेष टीम ने रात के ठीक 2 बजे टीएमसी नेता और सब्यसाची की करीबी मानी जाने वाली टीना भौमिक साहा के आवास पर छापा मारा। सुबह 5 बजे तक चली इस सघन तलाशी में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। टीना भौमिक के साथ-साथ उनके पिता कंचन भौमिक के घर पर भी एक साथ रेड डाली गई। दोनों ठिकानों से कुल 3 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। जब्त किए गए इस सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

साधारण कपड़े की दुकान और करोड़ों का सोना?

स्थानीय निवासियों के अनुसार, टीना भौमिक के पिता कंचन भौमिक नाजीरपुर बाजार में कपड़ों की एक बेहद साधारण सी दुकान चलाते हैं। ऐसे में एक छोटे दुकानदार के घर से 4 करोड़ से अधिक का सोना मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या यह सोना सब्यसाची दत्ता की काली कमाई का हिस्सा है, जिसे यहां छुपाकर रखा गया था।

असली पिक्चर अभी बाकी है’

इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य टीएमसी नेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। सब्यसाची और टीना के करीबी रहे कई अन्य नेता भी अब जांच के दायरे में हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पश्चिम बंगाल में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कोयला घोटाला, पशु तस्करी और शिक्षक भर्ती घोटाला (SSC Scam) जैसे बड़े मामलों ने राज्य की राजनीति को हिलाकर रख दिया है। अब इस नए ‘सोना घोटाले’ ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही उगाही और सोने के अवैध संचय की जानकारी शीर्ष नेतृत्व को न हो, यह नामुमकिन है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे सिंडिकेट के पीछे छिपे ‘असली मास्टरमाइंड’ की तलाश में जुती हैं।

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