अकाल तख्त द्वारा ‘गुरु दोखी’ घोषित होने के बाद पंजाब के CM भगवंत मान पर गंभीर आरोप, फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनाने के दावों से गरमाई सियासत
Bhagwant Mann Video Controversy: पंजाब की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किए जाने के बाद से ही सियासी घमासान चरम पर है। मुख्यमंत्री मान पर पूजनीय गुरुओं के अपमान के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं अब विपक्ष ने दावा किया है कि इस पूरे मामले को दबाने और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर रही है।
अकाल तख्त का सख्त रुख और आम आदमी पार्टी का बचाव
यह पूरा विवाद एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि इस वीडियो में मुख्यमंत्री भगवंत मान सिखों के पूजनीय गुरुओं की तस्वीरों पर शराब के छींटे मार रहे थे और पास की टेबल पर आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे थे। इस मामले का संज्ञान लेते हुए श्री अकाल तख्त साहिब ने उन्हें ‘गुरु दोखी’ करार दिया। इस बड़े फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर खुद भगवंत मान और पार्टी के आईटी सेल ने वीडियो को फर्जी करार दिया है। ‘आप’ का दावा है कि इस वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और इसमें दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं।
गुरुग्राम का CCTV फुटेज: फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की ‘डील’ का आरोप?
अब इस मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। विपक्ष ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और सबूत साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सच्चाई को दबाने के लिए पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारियों को मोहरा बनाया जा रहा है।
क्या है गुरुग्राम का पूरा मामला?
गुरुग्राम के आलीशान होटल ‘क्राउन प्लाजा’ का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विपक्ष का दावा है कि इस फुटेज में लुधियाना के कमिश्नर ऑफ पुलिस स्वपन शर्मा और SP जसनदीप नजर आ रहे हैं। खबरों के मुताबिक, ये दोनों अधिकारी वहां एक प्राइवेट फॉरेंसिक लैब के मालिकों से डील करने पहुंचे थे। कथित तौर पर 10 लाख रुपये में यह तय किया जा रहा था कि एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाए, जो यह साबित कर सके कि वीडियो में भगवंत मान नहीं हैं।
गुरुग्राम पुलिस को जैसे ही इस साजिश की भनक लगी, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन दोनों लैब मालिकों को हिरासत में ले लिया, जिन पर फर्जी रिपोर्ट बनाने का दबाव डाला जा रहा था।
व्हाट्सएप चैट लीक और विपक्ष का चौतरफा हमला
होटल के CCTV फुटेज के साथ-साथ अब SP जसनदीप की एक कथित व्हाट्सएप चैट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस लीक चैट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि अधिकारी द्वारा फर्जी रिपोर्ट के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इन कड़ियों के सामने आने के बाद विपक्षी दल आम आदमी पार्टी पर हमलावर हो गए हैं।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री परवेश सिंह वर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस सीसीटीवी वीडियो और व्हाट्सएप चैट को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने मांग की है कि मर्यादा को तार-तार करने के बाद भगवंत मान को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को कटघरे में खड़ा किया है। बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों को गुमराह करने की अपनी बेताबी में सत्ता और कानून की सारी हदें पार कर दी हैं।
आम आदमी पार्टी के सामने खड़े बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम और गंभीर आरोपों के बाद अब आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब जनता जानना चाहती है:
पहला सवाल: अकाल तख्त से ‘गुरु दोखी’ घोषित होने के बाद भी भगवंत मान नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं?
दूसरा सवाल: क्या आम आदमी पार्टी सिखों की आस्था, मर्यादा और धार्मिक भावनाओं का रत्ती भर भी सम्मान नहीं करती?
तीसरा सवाल: क्या सत्ता को बचाने के लिए पंजाब के लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?
इस पूरे विवाद ने पंजाब से लेकर दिल्ली तक की सियासत को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि इन गंभीर आरोपों और वायरल वीडियो साक्ष्यों पर आम आदमी पार्टी का आधिकारिक रुख क्या होता है। अगर ये सारे आरोप पूरी तरह निराधार हैं, तो पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों की गुरुग्राम के होटल में मौजूदगी पर सरकार स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रही है?
