शहबाज शरीफ सरकार पर मंडराए संकट के बादल, पूर्व कैबिनेट मंत्री के खुलासे से मंचा सियासी घमासान
इस्लामाबाद/नई दिल्ली:
पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर राजनीतिक अनिश्चितता और संकट के बादल मंडराने लगे हैं。 यह नया विवाद सरकार के ही एक पूर्व कैबिनेट मंत्री द्वारा किए गए एक बेहद ‘विस्फोटक दावे’ के बाद शुरू हुआ है, जिसने देश की राजनीति में खलबली मचा दी है।
पूर्व मंत्री के दावे से मचा हड़कंप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार में मंत्री रह चुके एक वरिष्ठ नेता ने मौजूदा सरकार की नीतियों, फैसलों और पर्दे के पीछे चल रहे राजनीतिक गठजोड़ को लेकर कई गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस दावे के सामने आने के बाद से न सिर्फ विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया है, बल्कि खुद सत्ताधारी गठबंधन के अंदर भी दरारें चौड़ी होती दिख रही हैं।
संकट में शहबाज शरीफ की कुर्सी!
पाकिस्तान में आर्थिक तंगी और कानून व्यवस्था की बदहाली के बीच इस नए राजनीतिक ड्रामे ने शहबाज शरीफ के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं。 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस खुलासे के बाद सरकार के सहयोगी दल अपना समर्थन वापस लेने या पुनर्विचार करने की धमकी दे सकते हैं, जिससे सरकार अल्पमत में भी आ सकती है। पाकिस्तान की राजनीति में सेना के दखल और अंदरूनी खींचतान के बीच यह दावा शहबाज शरीफ के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है।
विपक्ष हुआ हमलावर, इस्तीफे की मांग तेज
इस विस्फोटक दावे के तुरंत बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत तमाम विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का कहना है कि पूर्व मंत्री के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि यह सरकार देश चलाने में पूरी तरह नाकाम है और इसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विपक्ष अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के इस्तीफे और देश में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग पर अड़ गया है।
गठबंधन बचाने की जद्दोजहद शुरू
सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस राजनीतिक संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आपात बैठकें बुलानी शुरू कर दी हैं। वे अपने गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों को साधने और सरकार की स्थिरता को बनाए रखने की कोशिशों में जुट गए हैं। हालांकि, देखना दिलचस्प होगा कि वे इस बड़े सियासी झटके से अपनी सरकार को कैसे बचा पाते हैं।
