कर्नाटक MLC चुनाव में BJP विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग! भड़की भाजपा बोली- माफी का सवाल ही नहीं, डीके शिवकुमार का आया बड़ा बयान
बेंगलुरु:कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बीच राज्य की राजनीति में एक बार फिर भारी भूचाल आ गया है। चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ विधायकों द्वारा कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) किए जाने की खबर सामने आई है, जिसने भाजपा खेमे में खलबली मचा दी है। इस घटनाक्रम से आगबबूला हुई भाजपा आलाकमान ने साफ कर दिया है कि बगावत करने वाले विधायकों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
भाजपा का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के कम से कम तीन से चार विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है। इस क्रॉस वोटिंग से नाराज भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह सीधे तौर पर पार्टी के साथ विश्वासघात है। पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया, “लोकतंत्र और संगठन में अनुशासन सबसे ऊपर है। जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, उनके लिए माफी का कोई सवाल ही नहीं उठता। पार्टी जल्द ही उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी।”
क्रॉस वोटिंग पर क्या बोले सीएम डीके शिवकुमार?
वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे सियासी ड्रामे और भाजपा के आरोपों पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कांग्रेस का बचाव किया है। मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, “हमें क्रॉस वोटिंग कराने की क्या जरूरत है? यह एक गोपनीय मतदान (Secret Ballot) होता है। ऐसे में किसी को भी घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से संबंधित पार्टी के नेतृत्व और उनकी विचारधारा पर निर्भर करता है।”
शिवकुमार ने आगे कहा कि कांग्रेस इस तरह की किसी भी क्रॉस वोटिंग में शामिल नहीं है और न ही उन्हें इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी है।
पहले भी लग चुके हैं झटके
यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक भाजपा को क्रॉस वोटिंग का दंश झेलना पड़ा हो। इससे पहले भी राज्यसभा चुनावों के दौरान भाजपा के कुछ असंतुष्ट विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट देकर अपनी ही पार्टी को संकट में डाल दिया था। इस बार MLC चुनाव में दोबारा हुई इस घटना ने भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
