Maharashtra Politics: उद्धव गुट में फिर बड़ी बगावत? शिवसेना UBT के बागी सांसदों को गृह मंत्रालय ने दी ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा
मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) में एक बार फिर बड़ी बगावत के संकेत मिल रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शिवसेना (UBT) के बागी रुख अपनाने वाले सांसदों को तत्काल प्रभाव से ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा (Y Category Security) मुहैया करा दी है.
गृह मंत्रालय का यह फैसला महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बड़े भूचाल की आहट माना जा रहा है, जिससे महा विकास अघाड़ी (MVA) खेमे में खलबली मच गई है.
सुरक्षा देने के पीछे क्या है वजह?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उद्धव गुट के इन सांसदों ने पिछले कुछ दिनों से पार्टी नेतृत्व से दूरी बना रखी थी और उनके बागी सुर खुलकर सामने आ रहे थे. खुफिया एजेंसियों (Intelligence Bureau) से मिले इनपुट्स और सांसदों की जान को खतरे के आकलन (Threat Perception) को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें सुरक्षा घेरा देने का फैसला किया. दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों ही जगहों पर अब इन सांसदों की सुरक्षा में विशेष पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे.
क्या फिर टूटने वाली है उद्धव ठाकरे की शिवसेना?
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बागी सांसदों को केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा दिया जाना महज़ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने हैं.
- एक और विभाजन की कगार पर पार्टी: साल 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद यह दूसरी बार है जब उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी माने जाने वाले सांसदों का गुट अलग राह पकड़ता नजर आ रहा है.
- विपक्ष को बड़ा झटका: महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अगर ये सांसद औपचारिक रूप से कोई बड़ा कदम उठाते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे और विपक्षी गठबंधन (MVA) के लिए एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक झटका होगा.
‘Y’ कैटेगरी सुरक्षा में क्या मिलता है?
इस सुरक्षा घेरे के तहत वीआईपी (VIP) की सुरक्षा के लिए 1 या 2 कमांडो सहित कुल 8 से 11 सुरक्षाकर्मियों का दस्ता तैनात रहता है. इसमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी शामिल होते हैं जो चौबीसों घंटे संबंधित नेता के साथ साये की तरह रहते हैं.
फिलहाल, शिवसेना (UBT) नेतृत्व की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मातोश्री में डैमेज कंट्रोल के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है.
