क्या सच में अब Facebook, Instagram और WhatsApp के लिए पैसे देने होंगे?
फोटो आभार : AI Chatgpt
मेटा अपनी रणनीति बदल रहा है, इसमें कोई शक नहीं है। मार्क जुकरबर्ग अब विज्ञापन के साथ-साथ सब्सक्रिप्शन मॉडल पर भी दांव लगा रहे हैं। लेकिन क्या यह सबके लिए अनिवार्य है? आइए विस्तार से समझते हैं।
सब्सक्रिप्शन की कीमत और मॉडल्स
सोशल मीडिया पर चर्चा है कि मेटा अलग-अलग “Plus” वर्जन ला रहा है। फिलहाल जो आधिकारिक जानकारी और ट्रेंड्स हैं, वो इस प्रकार हैं:
- Meta Verified: यह भारत में पहले ही लॉन्च हो चुका है, जिसमें आपको ‘ब्लू टिक’ और एक्स्ट्रा सिक्योरिटी मिलती है।
- Ad-Free Version: यूरोप में डेटा नियमों की वजह से मेटा ने एड-फ्री वर्जन पेश किया है जिसकी कीमत काफी अधिक है।
- WhatsApp Premium: यह मुख्य रूप से बिजनेस यूजर्स के लिए है, आम जनता के लिए फिलहाल WhatsApp फ्री है।
क्या मिलेंगे नए फीचर्स?
अगर मेटा “Plus” वर्जन को वैश्विक स्तर पर विस्तार देता है, तो संभावित फीचर्स इस प्रकार हो सकते हैं:

मेटा ऐसा क्यों कर रहा है?
मेटा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निवेश बहुत भारी है। $Llama$ जैसे मॉडल्स को ट्रेन करने और सर्वर चलाने के लिए अरबों डॉलर्स की जरूरत है। विज्ञापन की दुनिया अब पहले जैसी मुनाफे वाली नहीं रही, इसलिए अब कंपनी सीधे यूजर से राजस्व जुटाने की कोशिश कर रही है।
क्या आपको यह सब्सक्रिप्शन लेना चाहिए?
यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इन ऐप्स का इस्तेमाल कैसे करते हैं:
- कंटेंट क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए: अगर आपकी रीच बढ़ती है और आपको एक्स्ट्रा फीचर्स मिलते हैं, तो यह एक अच्छा निवेश हो सकता है।
- आम यूजर्स के लिए: अगर आपको सिर्फ फोटो देखनी है और चैट करनी है, तो फ्री वर्जन ही बेहतर है। फिलहाल मेटा ने फ्री वर्जन बंद करने का कोई ऐलान नहीं किया है।
महत्वपूर्ण सूचना: WhatsApp Plus या Instagram Plus के नाम पर मिलने वाले अनधिकृत (Third-party) ऐप्स कभी डाउनलोड न करें। ये आपके फोन का डेटा चोरी कर सकते हैं। हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर का ही इस्तेमाल करें।
