सीमा पर ‘बुलडोजर प्रहार’: गृह मंत्री अमित शाह का घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलाव पर बड़ा एक्शन
फोटो : X/ Amit shah
भारत की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की पवित्रता को लेकर मोदी सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सीमावर्ती इलाकों में ‘unnatural डेमोग्राफी चेंज’ और अवैध घुसपैठ को जड़ से मिटाने के लिए एक बड़े ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है। इस नए आदेश के बाद न केवल देश के भीतर बैठे असामाजिक तत्वों में हड़कंप है, बल्कि सीमा पार बैठे भारत-विरोधी मंसूबे पालने वालों में भी डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
15 किलोमीटर का ‘डेथ ज़ोन’ और बुलडोजर एक्शन
गृह मंत्रालय के ताजा निर्देशों के अनुसार, भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (मुख्यतः पाकिस्तान और बांग्लादेश) से सटे 15 किलोमीटर के दायरे में अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। गृह मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि:
- अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण: सीमा से 15 किमी के भीतर जितने भी अवैध निर्माण, झुग्गियां या ढांचे खड़े किए गए हैं, उन्हें बुलडोजर के जरिए जमींदोज किया जाएगा।
- BSF को खुली छूट: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को आदेश दिया गया है कि वे सीमावर्ती इलाकों में हो रहे ‘अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलावों’ पर पैनी नजर रखें।
- फंडिंग की जांच: केवल इमारतों को गिराना ही मकसद नहीं है, बल्कि उन महंगी कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के मालिकों की भी कुंडली खंगाली जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि इन संपत्तियों के निर्माण के लिए पैसा कहाँ से आया और क्या इसके पीछे कोई विदेशी टेरर-फंडिंग या जिहादी लिंक तो नहीं?
High-Level Committee on Demographic Change’ का गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से देश की बदलती जनसांख्यिकी पर चिंता जताई थी और एक कमेटी बनाने का वादा किया था। गृह मंत्री अमित शाह ने अब इस हाई-लेवल कमेटी के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गृह मंत्री का यह कदम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि एक कड़ा रणनीतिक संदेश है। सीमावर्ती इलाकों में अवैध रूप से बसने वाले लोग न केवल संसाधनों पर बोझ डालते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए ‘स्लीपर सेल’ का काम भी कर सकते हैं।
मोदी सरकार की इस “जीरो टॉलरेंस” नीति ने साफ कर दिया है कि राष्ट्र की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिस तरह से सीमावर्ती इलाकों में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है, उससे पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचना तय है। अब देखना यह होगा कि इस जांच की आंच किन-किन सफेदपोशों और विदेशी ताकतों तक पहुँचती है।
