नूरीन नियाजी के बयान से पाकिस्तान में मचा बवाल, भारत-पाक तनाव पर की कई बड़ी टिप्पणियां

0
ChatGPT Image Jul 21, 2026, 09_30_12 PM

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी के हालिया बयान को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के हालिया सैन्य तनाव और कथित “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर क्राइम जांच एजेंसी (NCCIA) ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

क्या कहा नूरीन नियाजी ने?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इंटरव्यू के दौरान नूरीन नियाजी ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि “चार दिन तक चली लड़ाई वैसी नहीं थी जैसी पाकिस्तानी जनरलों और नेताओं ने जनता के सामने पेश की। भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बहुत कामयाब रहा और पाकिस्तान की सेना अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रही थी। भारत, जो उससे काफी बड़ा देश है, उसके सामने पाकिस्तानी सेना की हालत खराब हो गई थी।”

उन्होंने आगे कहा “अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते, तो पाकिस्तान को पूरी तरह तबाह कर सकते थे।”

सैन्य नेतृत्व पर भी उठाए सवाल

नूरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व दबाव में आ गया था और स्थिति को संभालने में विफल रहा।

उनके अनुसार “भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान की सेना हालात संभालने में पूरी तरह विफल रही। रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में अफरा-तफरी मच गई और जिस सैन्य अभियान को ‘मारका-ए-हक’ कहा गया था, वह कमजोर पड़ने लगा।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद पाकिस्तानी नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की।

इजरायल को लेकर भी किया दावा

नूरीन नियाजी ने अपने बयान में यह दावा भी किया कि भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान का सैन्य प्रशासन इजरायल को मान्यता देने पर विचार करने लगा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि किसी आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि बाद में ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण यह मुद्दा आगे नहीं बढ़ सका।

NCCIA ने जारी किया नोटिस

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर क्राइम जांच एजेंसी (NCCIA) ने नूरीन नियाजी को नोटिस जारी किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई को जारी नोटिस में एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राज्य संस्थानों के खिलाफ “भ्रामक, आपत्तिजनक और भड़काऊ” सामग्री साझा की।

नोटिस में कहा गया “आपको राज्य संस्थानों को बदनाम करने और फर्जी नैरेटिव फैलाने के उद्देश्य से झूठी, आपत्तिजनक और भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री प्रसारित करते हुए पाया गया है।”

एजेंसी ने उन्हें 20 जुलाई को इस्लामाबाद स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है।

Leave a Reply

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading