पाकिस्तान ने ट्रंप को दिखाई आंख, इस बात को मानने से किया इंकार
पाकिस्तान एक बार फिर अपने फैसलों को लेकर चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी मांग को पाकिस्तान ने मानने से साफ इंकार कर दिया है। ऐसे समय में जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, पाकिस्तान का यह रुख अमेरिका के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।
दरअसल, ट्रंप ने पांच देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने की मांग की है, जिनमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। अमेरिका का मानना है कि ईरान से जुड़े मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए इन देशों का इस समझौते में शामिल होना बेहद जरूरी है। इस सूची में सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान जैसे देशों का नाम सामने आया है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि कुछ देशों के पास इस समझौते में शामिल न होने के अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर देशों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ईरान भी इस समझौते का हिस्सा बनता है, तो मध्य-पूर्व पहले से ज्यादा मजबूत और एकजुट बन सकता है।
अब्राहम अकॉर्ड्स अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ एक बड़ा राजनयिक समझौता है, जिसका उद्देश्य इजराइल और अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाना है। अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम देश इस समझौते का हिस्सा बनें।
हालांकि, पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ कहा कि उनका देश इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान किसी ऐसे समझौते में शामिल नहीं हो सकता, जो उसकी मूल विचारधारा के खिलाफ हो।
ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि जिन लोगों के शब्दों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, उनके साथ बैठकर समझौता करना सही नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान का रुख पूरी तरह साफ हो गया है।
माना जा रहा है कि पाकिस्तान का यह फैसला ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव से भी जुड़ा हुआ है। क्योंकि पाकिस्तान खुलकर ईरान के समर्थन में दिखाई दे रहा है, ऐसे में वह इजराइल के साथ किसी भी तरह के संबंध सामान्य करने से बच रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान अब अमेरिका और ट्रंप के दबाव के बीच फंसता नजर आ रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और नावों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए की गई।
