गंगा दशहरा 2026: हरिद्वार के हर की पैड़ी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे लाखों भक्त
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही हर की पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर भक्तों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
हरिद्वार के हर की पैड़ी घाट पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई। हर की पैड़ी के अलावा सुभाष घाट, कुशावर्त घाट, चंडी घाट, कनखल स्थित राजघाट और दक्षेश्वर महादेव मंदिर घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
क्यों मनाया जाता है गंगा दशहरा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। कहा जाता है कि राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर आईं, ताकि उनके पूर्वजों का उद्धार हो सके। भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी को विनाश से बचाया था।
इसी पावन घटना की स्मृति में हर वर्ष गंगा दशहरा मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के शरीर, मन और वाणी से जुड़े पापों से मुक्ति मिलती है।
संख्या 10 का विशेष महत्व
गंगा दशहरा में संख्या 10 का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व दशमी तिथि पर मनाया जाता है और मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस दिन किए गए स्नान, दान और जप का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है।
दान-पुण्य का भी विशेष महत्व
गंगा दशहरा पर श्रद्धालु जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल, घड़े और मौसमी फलों का दान करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। घाटों पर कई स्थानों पर भंडारे और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए।
गंगा आरती में उमड़ी श्रद्धा
शाम के समय हर की पैड़ी पर होने वाली भव्य गंगा आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मंत्रोच्चार, दीपों की रोशनी और गंगा तट का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को भावविभोर करता नजर आया।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क दिखाई दिए। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो
