मुजफ्फरनगर: दारुल उलूम के मौलाना पर बहू का सनसनीखेज खुलासा; नशीली दवा देकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मजहब और पवित्रता की आड़ में छिपे एक ऐसे कथित चेहरे का पर्दाफाश हुआ है, जिसके काले कारनामों को सुनकर हर कोई दंग है। यहां ‘दारुल उलूम रहिमिया’ नाम का मदरसा चलाने वाले मौलाना हिफजुर रहमान पर किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि खुद उसकी सगी बहू ने मीडिया के सामने आकर बेहद गंभीर और रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं। बहू के इस खुलासे के बाद से इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
अवैध जमीन पर मदरसा और आयुर्वेदिक दुकान का नेटवर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर में मौलाना हिफजुर रहमान ‘दारुल उलूम रहिमिया’ नाम का एक मदरसा चलाता है। आरोपों के मुताबिक, इस मदरसे की नींव ही अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर टिकी है। लेकिन बात सिर्फ भू-माफियागिरी तक सीमित नहीं है; खेल इससे कहीं ज्यादा बड़ा और खौफनाक है। मौलाना मदरसे के साथ-साथ एक आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान भी संचालित करता है, जिसकी आड़ में एक संगठित आपराधिक नेटवर्क चलाया जा रहा था।
नशीली दवाएं, दुष्कर्म और अश्लील वीडियो का गंदा खेल
मौलाना की बहू ने कैमरे पर आकर जो बयान दिया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। बहू के अनुसार, मौलाना की आयुर्वेदिक दुकान पर जो भी हिंदू महिलाएं अपनी बीमारियों का इलाज कराने या दवा लेने आती थीं, उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया जाता था।
आरोप है कि मौलाना दवाओं में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर महिलाओं को देता था। जैसे ही कोई महिला दवा खाकर बेसुध या अचेत होती थी, मौलाना उनके साथ दुष्कर्म (बलात्कार) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देता था। दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब मौलाना ने इन बेबस महिलाओं की अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली। बाद में इन वीडियो के दम पर महिलाओं को समाज में बदनाम करने की धमकी देकर बुरी तरह ब्लैकमेल किया जाता था।
धर्मांतरण और निकाह का संगठित सिंडिकेट
वीडियो के जरिए महिलाओं को मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह तोड़ने के बाद शुरू होता था धर्मांतरण (Conversion) का खेल। आरोप है कि अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित महिलाओं पर इस्लाम कबूल करने का भारी दबाव बनाया जाता था। सिर्फ धर्म परिवर्तन ही नहीं, बल्कि दबाव बनाकर जबरन उनका निकाह दूसरे मुस्लिम युवकों से करा दिया जाता था।
बहू के बयानों के मुताबिक, मौलाना हिफजुर रहमान इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड यानी सरगना है। यह कोई अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक बड़ा और संगठित गिरोह है। इस गैंग में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:
- मोहम्मद जुबैर
- जुनैद
- मुजम्मिल
- इमरान
- सद्दाम
यह पूरा गैंग मिलकर काम करता था, जिसमें महिलाओं को जाल में फंसाने से लेकर, वीडियो के दम पर ब्लैकमेल करने और जबरन निकाह व धर्मांतरण के लिए मजबूर करने तक की जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं।
फरार मौलाना की तलाश में पुलिस की छापेमारी
जैसे ही यह मामला मीडिया में उछला और खुद घर की बहू ने इस पूरे सिंडिकेट की गवाही दी, वैसे ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। इस वक्त की सबसे बड़ी अपडेट यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी मौलाना हिफजुर रहमान और उसके गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। योगी सरकार के राज में अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ अपनाई जा रही ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत, पुलिस जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जहां फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी गई है, वहीं अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर बने मदरसे पर भी कानून का डंडा (बुल्डोजर कार्रवाई) चलने की पूरी तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
