टीएमसी पार्षद का चेहरा काला किए जाने का वीडियो वायरल
पश्चिम बंगाल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति, जिसे कई सोशल मीडिया पोस्ट में टीएमसी पार्षद बताया जा रहा है, भीड़ से घिरा दिखाई देता है। वीडियो में कुछ लोग उसके चेहरे पर कालिख पोतते हुए नजर आते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो को लेकर क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। एक पोस्ट में दावा किया गया कि यह घटना दमदम की है और वीडियो में दिखाई देने वाले टीएमसी पार्षद पर स्थानीय लोगों से कथित तौर पर “कट मनी” (अवैध वसूली) लेने के आरोप थे। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि नाराज़ भीड़ ने पार्षद को बाहर निकालकर उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। हालांकि, इन आरोपों और वीडियो की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कानून हाथ में लेना समाधान नहीं
किसी भी जनप्रतिनिधि या व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगना अलग बात है, लेकिन कानून अपने हाथ में लेना उचित नहीं माना जाता। यदि किसी पर भ्रष्टाचार या अन्य अनियमितताओं के आरोप हैं, तो उनकी जांच और कार्रवाई का अधिकार संबंधित एजेंसियों और न्यायिक व्यवस्था के पास है। लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सार्वजनिक अपमान या भीड़ के जरिए सजा देने जैसी घटनाएं कानून के शासन के अनुरूप नहीं हैं।
टीएमसी में आंतरिक विवाद भी जारी
इधर तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी राजनीतिक खींचतान जारी है। पार्टी में बगावत और टूट की खबरों के बीच मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने पार्टी के बागी नेताओं के खिलाफ कोलकाता के प्रगति मैदान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बागी नेता पार्टी के नाम, आधिकारिक लोगो और चुनाव चिन्ह का कथित रूप से अनधिकृत इस्तेमाल कर रहे हैं।
