CM योगी का अखिलेश यादव को खुला चैलेंज: बोले- ‘अगर सच में धार्मिक हो, तो खुलकर करो कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति की मांग’
उत्तर प्रदेश में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। हाथरस में ₹548 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे सच में धार्मिक बनने की कोशिश कर रहे हैं, तो अयोध्या को छोड़ें और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए खुलकर आवाज उठाएं।
अयोध्या को सपा के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं
हाल ही में अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या को लेकर दिए गए बयानों और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को किसी राजनीतिक दल के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान: “अखिलेश जी, अयोध्या की चिंता छोड़िए और अपने अतीत पर पश्चाताप करिए। अयोध्या को रामभक्तों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहले ही सजाया और संवारा जा चुका है। हिम्मत है तो सामने आइए और कहिए कि राम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने सपा के इतिहास पर तंज कसते हुए याद दिलाया कि यह वही सरकार थी जिसने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, थानों में जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाई थी और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विकास का पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च होता था, जिसे आज हमारी सरकार मंदिरों के जीर्णोद्धार पर लगा रही है।
यूपी बना कानून व्यवस्था का मॉडल: मुहर्रम का दिया हवाला
2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, कर्फ्यू और माफिया राज से होती थी, लेकिन आज प्रदेश सुरक्षित है और कानून व्यवस्था का बेहतरीन मॉडल बन चुका है।
सुरक्षा के पुख्ता दावों की पुष्टि करते हुए सीएम योगी ने कहा, “हाल ही में पूरे प्रदेश में मुहर्रम के लगभग 12,000 जुलूस बेहद शांतिपूर्ण तरीके से निकाले गए। कहीं कोई दंगा, अशांति या कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई। अब तलवारें लहराकर उपद्रव करने का तमाशा बंद हो चुका है।”
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
सपा के साथ-साथ सीएम योगी ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा चलाए गए ‘संविधान बचाओ’ के नारे पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में ‘आपातकाल’ लगाकर कांग्रेस ने ही संविधान की सबसे बड़ी हत्या की थी।
उन्होंने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को भी जेल में डाला था और आज समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर नेताजी की विरासत का अपमान कर रही है।
