‘जन-आस्था से खिलवाड़ करने वाले पाताल से भी ढूंढे जाएंगे’, राम मंदिर चोरी मामले पर गरजे CM योगी; केजरीवाल की उधेड़ी बखिया
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- चुनाव आते ही अयोध्या दौड़ने वाले ‘चुनावी हिंदुओं’ का प्रोपेगैंडा हुआ ध्वस्त, SIT रिपोर्ट के बाद एक्शन शुरू।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के काल माने जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राज्य में कानून और न्याय के राज से कोई भी खिलवाड़ नहीं कर सकता। यूपी में जहां एक तरफ अपराधियों के मन में खौफ है, वहीं मुख्यमंत्री ने यह भी साबित कर दिया है कि वे अन्याय और भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शने वाले नहीं हैं।
हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर परिसर में हुई चोरी की शर्मनाक घटना के बाद, जहां राम-द्रोहियों और विपक्षी नेताओं ने अपनी गंदी राजनीति चमकाने का मौका ढूंढ लिया था, वहीं अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए गरजते हुए चेतावनी दी है। सीएम योगी ने साफ कहा कि जन-आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर भी ऐसा तंज कसा, जिसने आम आदमी पार्टी (AAP) के नैरेटिव की बखिया उधेड़ कर रख दी।
SIT रिपोर्ट आते ही एक्शन में योगी सरकार
देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर की चोरी में शामिल तत्वों को सख्त चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई SIT (विशेष जांच दल) की रिपोर्ट आते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि प्रभु श्री राम के काज में किसी भी प्रकार की कोताही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘दिल्ली के सज्जन’ ने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया: CM योगी
राम मंदिर मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ ही सीएम योगी ने अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर उन पर सीधा और तीखा हमला बोला। योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा:
“दिल्ली के एक सज्जन भी आज अयोध्या आए हैं। मैं उनसे भी कहना चाहता हूं कि दिल्ली की जनता ने उन्हें कई सालों तक मौका दिया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री के इस तीखे और बेहद आक्रामक प्रहार के बाद से पूरी आम आदमी पार्टी तिलमिलाई हुई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जो नेता कल तक राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और वहां अस्पताल बनाने की वकालत करते थे, आज चुनाव नजदीक आते ही अयोध्या की दौड़ लगा रहे हैं। सीएम योगी ने अपने इस बयान से विपक्ष के इसी ‘चुनावी हिंदू’ वाले चेहरे को बेनकाब कर दिया है।
ध्वस्त हुआ विपक्ष का पूरा प्रोपेगैंडा
विपक्ष राम मंदिर में हुई इस चोरी को एक बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने और राजनीतिक रोटियां सेकने की फिराक में था। लेकिन योगी सरकार के क्विक एक्शन ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया। राम मंदिर चोरी मामले में जैसे ही यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की, जांच की रफ्तार तेज हुई और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की खबरें आईं, वैसे ही विपक्ष का पूरा का पूरा प्रोपेगैंडा ताश के पत्तों की तरह ढह गया और उनका मुद्दा ही खत्म हो गया।
राम के नाम पर राजनीति करने वालों को चेतावनी
सीएम योगी ने एक बार फिर देश के सामने यह साबित कर दिया है कि राम से द्रोह करने वालों या आस्था के केंद्र को अपनी राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश करने वालों को उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं मिलेगी। योगी आदित्यनाथ का यह सख्त रुख उन सभी नेताओं के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है, जो केवल वोटों की फसल काटने के लिए कभी टोपी पहनते हैं तो कभी तिलक लगाते हैं।
