सुप्रीम कोर्ट में आएगा भारत का अपना ‘देशी AI सिस्टम’, सीजेआई सूर्यकांत ने न्यायिक सुधारों के लिए पेश किया बड़ा प्लान
राष्ट्रीय डेस्क, नई दिल्ली: भारतीय न्यायपालिका में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में एक स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Indigenous AI System) प्रणाली को लागू करने की बड़ी योजना का अनावरण किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अदालती कार्यवाही को और अधिक कुशल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
न्याय प्रक्रिया को मिलेगी नई रफ्तार एक कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युग में तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तैयार किया जा रहा यह स्वदेशी एआई सिस्टम पूरी तरह से भारतीय कानूनों, न्यायिक प्रक्रियाओं और हमारी क्षेत्रीय भाषाओं को समझने में सक्षम होगा। इसके जरिए कानूनी दस्तावेजों के अनुवाद, केस मैनेजमेंट और रिसर्च वर्क को बेहद आसान और त्वरित बनाया जा सकेगा।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता का रखा जाएगा ध्यान विदेशी एआई टूल्स पर निर्भरता कम करने के फायदे बताते हुए सीजेआई ने स्पष्ट किया कि स्वदेशी एआई होने से देश के न्यायिक डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता (Data Privacy) पूरी तरह सुनिश्चित रहेगी। यह सिस्टम न केवल न्यायाधीशों और वकीलों की मदद करेगा, बल्कि आम जनता और वादियों (Litigants) के लिए भी न्याय पाने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
तकनीक से बदलेगी कोर्ट की तस्वीर बता दें कि सुप्रीम कोर्ट लंबे समय से लाइव स्ट्रीमिंग और मुकदमों के ई-फाइलिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा दे रहा है। अब इस नए देशी एआई प्रोजेक्ट के आने से भारतीय न्यायिक व्यवस्था (Indian Judiciary) में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। सीजेआई ने विश्वास जताया कि यह तकनीक पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने में मील का पत्थर साबित होगी।
