जूतों की माला पहनकर सड़क पर माफी मांगते दिखे टीएमसी नेता, वीडियो वायरल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक के बाद एक ऐसे दृश्य सामने आ रहे हैं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा छेड़ दी है। जिस नेता पर कभी सत्ता के प्रभाव का आरोप लगता था, वही अब सड़क पर खड़े होकर कान पकड़कर माफी मांगता दिखाई दे रहा है। गले में जूतों की माला, सिर झुका हुआ और लोगों के सामने अपनी गलती स्वीकार करते टीएमसी नेता का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
कौन हैं टीएमसी नेता सपन सामंत?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहे वीडियो में ताराकेश्वर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ टीएमसी नेता सपन सामंत नजर आ रहे हैं। उन पर कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके बाद लोगों ने सपन सामंत को जूतों की माला पहनाकर इलाके में घुमाया।
लोगों ने करवाई उठक-बैठक, फेंके अंडे और टमाटर
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सपन सामंत से कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई गई। इतना ही नहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन पर अंडे और टमाटर भी फेंके। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसे लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है।
हालांकि सपन सामंत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को आरोपों के आधार पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानून के दायरे में उचित नहीं माना जाता। जूतों की माला पहनाना, सड़क पर घुमाना या भीड़ द्वारा सजा देना लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के खिलाफ है। यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने और सजा तय करने का अधिकार केवल कानून और अदालतों को है, न कि भीड़ को।
पहले जहांगीर खान के साथ भी हुई थी ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब किसी टीएमसी नेता को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी हो। इससे पहले टीएमसी नेता जहांगीर खान का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। 8 जून को अवैध वसूली के आरोप में उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया था। जहांगीर खान पर अवैध वसूली के अलावा महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगे थे।
गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के फालता क्षेत्र में पुलिस ने जहांगीर खान की सड़क पर परेड कराई थी। उस दौरान भी वह कान पकड़कर और हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगते हुए दिखाई दिए थे। अब सपन सामंत का मामला सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में एक बार फिर कानून व्यवस्था और भीड़ के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
