‘मुझसे भारी गलती हो गई’… सूर्या चौहान के हत्यारे असद के सपोर्ट में बनाई थी रील, मेरठ पुलिस ने दबोचा तो कान पकड़कर मांगी माफी
इंट्रो (Intro): मेरठ: गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान मर्डर केस के आरोपी का सोशल मीडिया पर महिमामंडन करना मेरठ के एक युवक को भारी पड़ गया। युवक ने न सिर्फ हत्या के आरोपी असद के समर्थन में रील बनाई, बल्कि उसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर का भी गलत इस्तेमाल किया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मेरठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी के सारे तेवर ढीले पड़ गए और वह कान पकड़कर माफी मांगता नजर आया।
दोनों हाथों में चाकू लहराते हुए बनाया था वीडियो जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर 14 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो की शुरुआत में सूर्या चौहान और पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपी असद की तस्वीरें दिखाई गईं। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। वीडियो के आखिरी हिस्से में आरोपी युवक खुद खून से सने कुर्ता-पायजामा में दोनों हाथों में बड़ी छुरी (चाकू) लहराते हुए और हथियार चलाने का प्रदर्शन करते नजर आ रहा था।
रील पर लिखे थे भड़काऊ कमेंट्स युवक ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए बैकग्राउंड और स्क्रीन पर कुछ ऐसी टिप्पणियां (कमेंट्स) लिखी थीं, जिसमें आरोपी असद का समर्थन किया गया था और हथियारों की तैयारी जैसे भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल था। वीडियो के वायरल होते ही यूजर्स ने इसे मेरठ पुलिस और उच्च अधिकारियों को टैग कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल तुरंत एक्टिव हो गई।
ब्रह्मपुरी इलाके से हुई गिरफ्तारी साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि यह वीडियो ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के पूर्वा इलाही बख्श निवासी अमन उर्फ प्रिंस (पुत्र अशरफ) के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और देर रात ही आरोपी अमन उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया।
अपराधियों का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं: एसपी सिटी इस पूरे मामले पर एसपी सिटी विनायक गोपाल भौंसले ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी सम्मानित या प्रतिष्ठित व्यक्ति की तस्वीर लगाकर अपराधियों का महिमामंडन करने वाले कंटेंट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस की पैनी नजर है। समाज में तनाव फैलाने, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
