भाजपा के दावे से बढ़ी बंगाल की सियासी हलचल, टीएमसी में टूट की अटकलें तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और मंत्री तपस रॉय के एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। तपस रॉय ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तपस रॉय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि टीएमसी में महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के कई विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और पूर्व टीएमसी नेता रितब्रत बनर्जी के संपर्क में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने टीएमसी के चर्चित नारे “खेला होबे” का जिक्र करते हुए कहा कि अब असली राजनीतिक खेल देखने को मिल सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब तपस रॉय ने टीएमसी में विभाजन की संभावना जताई हो। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी धीरे-धीरे आंतरिक संकट की ओर बढ़ रही है और यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो पश्चिम बंगाल में भी महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
इधर, टीएमसी से निष्कासित रितब्रत बनर्जी भी लगातार अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ने का दावा कर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि कई विधायक उनके संपर्क में हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच टीएमसी को एक और झटका तब लगा जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और बीरभूम जिला अध्यक्ष आशीष बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वहीं, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर भी राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। इस मुद्दे पर पार्टी लगातार विरोध दर्ज करा रही है। धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार चाहती है तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
भाजपा के दावों, नेताओं के इस्तीफों और टीएमसी के भीतर असंतोष की चर्चाओं के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। हालांकि टीएमसी की ओर से भाजपा के इन आरोपों और दावों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
