गुजरात में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बड़ा एक्शन, Operation Delta Hunt के तहत 501 गिरफ्तार
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भारत में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Change) को लेकर चर्चा का विषय रहा है। आमतौर पर इस समस्या को पश्चिम बंगाल और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों तक सीमित माना जाता है, लेकिन हाल के घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि यह चुनौती अब पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
इसी बीच गुजरात से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। गुजरात पुलिस ने “ऑपरेशन डेल्टा हंट” (Operation Delta Hunt) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाकर बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।
डेमोग्राफिक चेंज को लेकर केंद्र सरकार की चिंता
15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज को लेकर चिंता व्यक्त की थी। प्रधानमंत्री ने इस विषय पर अध्ययन और सुझाव देने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की थी।
इसके बाद मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि डेमोग्राफिक चेंज से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए समिति का गठन किया जा चुका है। केंद्र सरकार लगातार इस विषय को राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बता रही है।
Operation Delta Hunt के तहत बड़ी कार्रवाई
गुजरात पुलिस द्वारा चलाए गए Operation Delta Hunt के तहत राज्यभर में व्यापक तलाशी और सत्यापन अभियान चलाया गया। खबर लिखे जाने तक कुल 501 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोग गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे थे। इनमें अहमदाबाद शहर, अहमदाबाद ग्रामीण, सूरत, गांधीनगर, पूर्व कच्छ तथा अन्य कई जिले शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब इन व्यक्तियों के दस्तावेजों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
हर्ष सांघवी ने संभाली ऑपरेशन की कमान
इस पूरे अभियान की निगरानी गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाए हुए है और राज्य में अवैध रूप से प्रवेश कर रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हर्ष सांघवी के अनुसार पुलिस ने इस अभियान की योजना बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की थी। जैसे ही विभिन्न शहरों में छापेमारी शुरू हुई, वैसे ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख हाईवे पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई। राज्य के विभिन्न शहरों के एग्जिट पॉइंट्स पर नाकाबंदी कर दी गई ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति राज्य से बाहर भागने में सफल न हो सके।
क्यों शुरू किया गया यह अभियान?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बाद कई बांग्लादेशी नागरिक अन्य राज्यों में जाकर छिपने का प्रयास कर रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ लोग देश के विभिन्न हिस्सों में कई वर्षों से रह रहे थे। हाल ही में कर्नाटक से भी ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं, जिनमें दावा किया गया था कि कुछ अवैध बांग्लादेशी नागरिक पिछले 10 से 15 वर्षों से वहां रह रहे थे।
सरकार का स्पष्ट संदेश
गुजरात सरकार का कहना है कि राज्य में अवैध घुसपैठ को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य सरकार घुसपैठ के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है।
Operation Delta Hunt को गुजरात में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां गिरफ्तार किए गए लोगों के नेटवर्क और उनके दस्तावेजों की गहन जांच कर सकती हैं।
