अकबर, वसीम और सलीम बने फर्जी बाबा पुलिस ने ठीक की अकल
फोटो सोर्स - पांचजन्य
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में हरिद्वार पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालनेमी’ (Operation Kalnemi) के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र से साधु-संतों और फकीरों का भेष बनाकर रह रहे 40 संदिग्ध और फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
क्या है ‘ऑपरेशन कालनेमी’?
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों पर जिले में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसे ‘ऑपरेशन कालनेमी’ नाम दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों के आसपास भेष बदलकर छिपे असामाजिक तत्वों, अपराधियों और संदिग्धों की पहचान करना है।
इसी अभियान के तहत कलियर थाना पुलिस ने दरगाह क्षेत्र और उसके आस-पास के इलाकों में सघन चेकिंग चलाई, जिसमें कुल 40 लोगों को संदिग्ध अवस्था में पाया गया।
महिलाओं और युवाओं को निशाना बनाकर करते थे ठगी
पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी तांत्रिक, फकीर या साधु का भेष धारण कर लोगों को गुमराह कर रहे थे।
ये लोग विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेते थे। उनकी व्यक्तिगत, पारिवारिक या आर्थिक समस्याओं का समाधान करने का झूठा झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस को अंदेशा है कि इनमें से कुछ तत्व इलाके की रेकी करने और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी संलिप्त हो सकते हैं।
सनातन और देवभूमि की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास
उत्तराखंड चार धाम की पावन भूमि है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपनी अटूट आस्था के साथ आते हैं। लेकिन आस्था की आड़ में छिपे ऐसे पाखंडी और कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग न सिर्फ श्रद्धालुओं को ठगते हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर सनातन धर्म की छवि को भी धूमिल करने का मौका देते हैं।
प्रशासन की चेतावनी: हरिद्वार पुलिस ने साफ कर दिया है कि धार्मिक आस्था की आड़ लेकर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और लोगों को गुमराह करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। असामाजिक गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
