NEET विवाद: पीड़ित परिवार से मिले राहुल गांधी, तस्वीर में ‘हिस्ट्रीशीटर’ दिखने पर बीजेपी ने उठाए तीखे सवाल
Politics on NEET: NEET परीक्षा विवाद को लेकर देश भर में सियासी घमासान जारी है। इस बीच, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक हालिया मुलाकात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी ने हाल ही में NEET परीक्षा रद्द से आहत होकर सुसाइड करने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल के पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। इस सांत्वना मुलाकात की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी के साथ इस मुलाकात के दौरान सीकर का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी मौजूद था।
बीजेपी का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित मालवीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीर साझा करते हुए सीधे सवाल दागे हैं। बीजेपी का पूछना है कि क्या एक शोकाकुल और दुखी परिवार पर दबाव बनाने के लिए आपराधिक तत्वों को साथ ले जाया गया था? या फिर कांग्रेस की राजनीति का मॉडल ही ऐसा है जो बिना गुंडे-मवालियों के नहीं चल सकता? बीजेपी ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि देश के शीर्ष विपक्ष का नेता एक बंद कमरे में आधे घंटे तक ऐसे शख्स के साथ कैसे बैठ सकता है, जिस पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
कौन है तस्वीर में दिख रहा शख्स?
दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी की पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान जो शख्स लाल घेरे (Red Circle) में दिखाई दे रहा है, उसका नाम राजेश जोया है। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, राजेश जोया सीकर के कोतवाली थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उस पर साल 2004 से लेकर 2024 तक हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों के तहत कुल 14 मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार इस शख्स का संबंध कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा की गैंग से भी जोड़ा जाता रहा है।

संवेदना या सियासी रसूख का प्रदर्शन?
एक तरफ जहां देश के लाखों छात्र और उनके अभिभावक NEET परीक्षा के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और केंद्र सरकार व जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ इस संवेदनशील मुद्दे पर अब भारी सियासत शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रदीप मेघवाल के परिवार से राहुल गांधी की इस मुलाकात को शुरुआत में एक सांत्वना बैठक के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन हिस्ट्रीशीटर की मौजूदगी की तस्वीरें सामने आने के बाद इसे विपक्ष की ‘ओछी सियासत’ और इलाके में ‘राजनीतिक रसूख’ दिखाने के प्रयास के तौर पर पेश किया जा रहा है। इस पूरे मामले पर अभी तक कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी के कार्यालय की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सफाई सामने नहीं आई है। लेकिन इस तस्वीर ने सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली और राजस्थान के सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
