CM योगी का ‘फायर’ बयान: “त्योहारों में विघ्न डाला तो होगा कंस-रावण जैसा हाल”
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और कड़क अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बकरीद के ठीक एक दिन बाद, मऊ की धरती से सीएम योगी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने यूपी की सियासत में भूचाल ला दिया है। माफियाओं को संरक्षण देने वाली पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यूपी में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।
मऊ को ₹392 करोड़ की सौगात और ‘कंस-रावण’ वाली चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मऊ में ₹392 करोड़ से अधिक की लागत वाली 114 जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहाँ जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे शब्दों में कहा:
“जो भी माफिया हिंदुओं और उनके त्योहारों में व्यवधान पैदा करने की कोशिश करेगा, उसका हाल कंस और रावण जैसा कर दिया जाएगा।”
इस बयान को सीधे तौर पर उन तत्वों के लिए चेतावनी माना जा रहा है जो राज्य की शांति भंग करने की कोशिश करते हैं। जानकारों का कहना है कि इस बयान से समाजवादी पार्टी की जड़ें हिल गई हैं, क्योंकि भाजपा अक्सर सपा पर माफियाओं को ‘पालने’ का आरोप लगाती रही है।
‘मिट्टी में मिला देंगे’ से ‘कंस-रावण’ तक का सफर
योगी आदित्यनाथ का यह बयान साल 2023 के उस ऐतिहासिक विधानसभा भाषण की याद दिलाता है, जब उन्होंने दहाड़ते हुए कहा था कि— “माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।” इतिहास गवाह है कि उस बयान के बाद यूपी के दो सबसे कुख्यात माफिया—अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी—का साम्राज्य पूरी तरह मिट्टी में मिल गया। हालांकि मुख्तार अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई और अतीक अहमद की हत्या हुई, लेकिन सीएम योगी के दृढ़ संकल्प ने यूपी पुलिस के हौसले इतने बुलंद कर दिए कि आज राज्य अपराध और भय से मुक्त होने की राह पर है।
अखिलेश का PDA बनाम योगी का सुरक्षा मॉडल
यूपी विधानसभा चुनाव (2027) से पहले सीएम योगी के इस बयान के गहरे राजनीतिक मायने हैं। एक तरफ जहाँ अखिलेश यादव PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा देकर लोगों को जातीय समीकरणों में साधने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं योगी आदित्यनाथ ‘सुरक्षा और सुशासन’ के एजेंडे को आगे रख रहे हैं।
हाल ही में अखिलेश यादव ने अपने आवास पर मेधावी बच्चों को लैपटॉप बांटे, लेकिन वहां भी उन्होंने ब्रांडिंग करते हुए लिखा— “पीडीए का काम, प्रतिभाओं का सम्मान!” सोशल मीडिया पर लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या लैपटॉप में भी कोई ‘PDA सॉफ्टवेयर’ इंस्टॉल किया गया है? राजनीति में हर चीज को जाति के चश्मे से देखना जनता को रास नहीं आ रहा है, क्योंकि लोगों की प्राथमिकता समृद्धि और सुरक्षा है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने इस बयान से साफ कर दिया है कि वह जातियों की राजनीति के बजाय ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सख्त कानून व्यवस्था’ के मुद्दे पर ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। मऊ की इस ‘गर्जना’ ने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में यूपी की सियासत और भी गरमाने वाली है।
