‘पंजाब की राज्य सभा सीट कितने मे बेची थी’?, गद्दार कहने पर भड़के भज्जी, AAP कार्यकर्ता से पूछे सवाल
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और ‘आप’ के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुई जुबानी जंग ने अब एक बड़े सियासी घोटाले के आरोपों का रूप ले लिया है। हरभजन सिंह ने अपनी ही पार्टी की लीडरशिप पर पंजाब की राज्यसभा सीटें भारी-भरकम रकम लेकर बेचने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई हुई, तो पंजाब में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जोड़ी के लिए सत्ता में वापसी की राह बेहद मुश्किल हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
इस पूरे विवाद की शुरुआत माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर हुई। दरअसल, देवेंदर यादव नाम के एक AAP कार्यकर्ता ने हरभजन सिंह को ‘गद्दार’ बताते हुए उन पर सीधा निशाना साधा था।
AAP कार्यकर्ता ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया था:
“जिस नेता को आप दिन-रात गाली देते हैं, उसकी दी हुई राज्यसभा सीट से आपने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? भाजपा में जाने की आपकी क्या मजबूरी थी?”
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह पर बीजेपी में जाने के लिए करोड़ों रुपये की बोली लगाए जाने के आरोप भी मढ़े गए। इन आरोपों ने पूर्व क्रिकेटर को इस कदर नाराज कर दिया कि उन्होंने सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर ही मोर्चा खोल दिया।
हरभजन सिंह का तीखा पलटवार
खुद पर लगे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ने AAP की ईमानदारी और शुचिता के दावों पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने विरोधी ट्रोलर्स और पार्टी कार्यकर्ताओं को खुली चुनौती देते हुए लिखा
“मुझे गद्दार कहने वालों, पहले अपने लोगों से पूछो कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची गई थी। अगर वो ना बताएं तो मैं बताऊंगा कि किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से गया था। पंजाब को लूटने और ‘लाला’ तक माल पहुंचाने के लिए कैसे किसको मंत्री-संतरी बनाया गया। पंजाब को लूटा और खाया गया है।”
हरभजन सिंह ने साफ किया कि यदि पार्टी के भीतर के लोगों ने खुद सच नहीं उगला, तो वे खुद जनता के सामने इस बात का पर्दाफाश करेंगे कि राज्यसभा टिकट के बदले किसने, किसको और कितना ‘चढ़ावा’ दिया था।
चुनाव से पहले AAP के लिए बड़ी मुसीबत
हरभजन सिंह के इस विस्फोटक बयान के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। इस खुलासे ने विपक्ष को बैठे-बिठाए AAP को घेरने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। अब इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- क्या पैसे के लालच में पंजाब की राज्यसभा सीटें बेची गईं?
- क्या AAP की लीडरशिप ने पंजाब के लोगों के साथ धोखा किया?
- हरभजन सिंह के निशाने पर मौजूद ‘लाला’ आखिर कौन है?
पंजाब में क्या होगा?
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि चुनाव के ठीक पहले ऐसे गंभीर आरोप लगना किसी भी सत्तारूढ़ पार्टी के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। आम आदमी पार्टी हमेशा से भ्रष्टाचार विरोधी छवि के दम पर राजनीति करती आई है, ऐसे में पार्टी के ही एक मौजूदा सांसद द्वारा ‘टिकट बेचने’ और ‘पंजाब को लूटने’ के आरोप सीधे अरविंद केजरीवाल के रिमोट से चल रही भगवंत मान सरकार की साख पर बट्टा लगाते हैं। अब गेंद आम आदमी पार्टी के पाले में है। देखना यह होगा कि AAP लीडरशिप हरभजन सिंह के इन आरोपों का क्या जवाब देती है, क्योंकि इन दावों का सच होना या न होना, आगामी पंजाब चुनाव के नतीजों को सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
