West Bengal Election Result: भवानीपुर में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, अपने ही घर में बुरा प्रदर्शन
मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग बूथ पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो को मिले महज 51 वोट, बीजेपी ने भवानीपुर के 206 बूथों पर बनाई एकतरफा बढ़त।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के आए रुझानों और आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास लिख दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अभेद्य किला माने जाने वाले भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपने ही घर में कड़े राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा है। चुनाव आयोग (Election Commission) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ममता बनर्जी के अपने पड़ोसियों और स्थानीय मतदाताओं ने इस बार उनके विपक्ष में मतदान किया है, जिससे टीएमसी खेमे में खलबली मच गई है।
अपने ही पोलिंग बूथ पर पिछड़ीं ममता बनर्जी
कालीघाट के हरीश मुखर्जी रोड स्थित ममता बनर्जी के आवास के पास बने ‘मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग स्टेशन’ पर इस बार के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। यह वही बूथ है जहां ममता बनर्जी खुद अपने मताधिकार का प्रयोग करती हैं। बीते कुछ चुनावों के मुकाबले इस बार यहाँ की जनता का मूड पूरी तरह बदला हुआ नजर आया।
- 2021 उपचुनाव के आंकड़े: साल 2021 के भवानीपुर उपचुनाव में इस बूथ पर ममता बनर्जी का दबदबा था। तब उन्हें इस बूथ से 321 वोट मिले थे, जबकि भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 285 वोट हासिल हुए थे।
- वर्तमान चुनाव का समीकरण: इस बार के चुनाव में स्थिति पूरी तरह उलट गई है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने इस बूथ पर बड़ी सेंधमारी की है। इस बार ममता बनर्जी को अपने ही बूथ पर महज 51 वोट मिले हैं, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने 238 वोट हासिल कर एकतरफा बढ़त बनाई।
भवानीपुर के 206 बूथों पर भाजपा की बढ़त
यह राजनीतिक फेरबदल सिर्फ एक पोलिंग बूथ तक सीमित नहीं रहा। शुभेंदु अधिकारी की रणनीति के सामने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में टीएमसी का पारंपरिक संगठन बिखरता हुआ नजर आया।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल 267 बूथों में से 206 बूथों पर भाजपा ने मजबूत बढ़त हासिल की है। आंकड़ों के मुताबिक, इस निर्वाचन क्षेत्र के 24 बूथ ऐसे रहे जहां टीएमसी को 50 वोट भी नसीब नहीं हुए। वहीं, एक बूथ पर तो ममता बनर्जी को केवल 12 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
वार्डों के समीकरण में भी बड़ा उलटफेर
कोलकाता नगर निगम के 8 नगर पालिका वार्डों को मिलाकर भवानीपुर विधानसभा सीट बनती है। इन आठों वार्डों पर कभी टीएमसी का एकतरफा क्लीन स्वीप रहता था। हालांकि, इस बार के चुनाव में चुनावी आंधी के सामने टीएमसी का गढ़ ढह गया। ममता बनर्जी इन 8 वार्डों में से सिर्फ एक वार्ड में बढ़त बनाने में कामयाब रहीं, जिसे राजनीतिक विश्लेषक मुस्लिम बहुल इलाका बता रहे हैं। बाकी के 7 वार्डों में भाजपा ने निर्णायक बढ़त बनाई है।
बदलते राजनीतिक समीकरण के मायने
हरीश मुखर्जी रोड के स्थानीय मतदाताओं और हिंदू बहुल इलाकों में आए इस बड़े चुनावी बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भवानीपुर के इन ऐतिहासिक नतीजों से एक बात साफ है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति की बिसात अब पूरी तरह बदल चुकी है। जो भवानीपुर कभी ममता बनर्जी के लिए सबसे सुरक्षित और अपराजेय सीट मानी जाती थी, आज वहां आए नतीजों ने सत्ता पक्ष को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है।
