NEET मामले में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा: विपक्ष में श्रेय लेने की होड़, पर बाज़ी किसके हाथ?
NEET पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। धर्मेंद्र प्रधान वर्ष 2014 से लगातार सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हुए यह कदम उठाया है। उनका मानना है कि पिछले करीब 10 दिनों के दौरान जिस तरह के घटनाक्रम और विवाद सामने आए हैं, उससे उनका मन आहत था और इसी दुख के चलते उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
लेकिन इस इस्तीफ़े के बाद देश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।
जंतर-मंतर पर खुशी और श्रेय लेने की होड़
एक तरफ जहाँ अभिजीत दीपके और अन्य प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर इस इस्तीफ़े को अपनी सफलता मानकर जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी राजनीतिक दलों के बीच इसका श्रेय लूटने की होड़ मच गई है।
इस फेहरिस्त में सबसे पहला नाम कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का सामने आया। कांग्रेस के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के लगातार बयान आ रहे हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि यह इस्तीफ़ा सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी के दबाव और संघर्ष की वजह से संभव हो सका है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया श्रीनेत, कन्हैया कुमार और अजय राय जैसे प्रमुख नेताओं ने इसे सीधे तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी की बड़ी जीत करार दिया।
कांग्रेस के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) भी मैदान में कूद पड़ी। पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के वीडियो संदेश जारी हुए, जिसके जरिए आम आदमी पार्टी भी इस पूरे घटनाक्रम का श्रेय अपने नाम करने की कोशिश करती दिखी।
इसके साथ ही, विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय रहने वाले चेहरों का रुख भी सामने आया। अभिनेता प्रकाश राज और योगेंद्र यादव जैसे चर्चित नामों ने ट्वीट कर इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
पीएम मोदी का संवाद और ‘कूल पेरेंट’ का संदेश
इस्तीफ़े की इस पूरी राजनीतिक गहमागहमी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक अलग अंदाज ने पूरा माहौल बदल दिया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी की दो रील्स (Reels) सामने आईं, जिसके जरिए उन्होंने सीधे देश की ‘Gen Z’ (युवा पीढ़ी) से संवाद साधा।
अपनी रील में प्रधानमंत्री ने बेहद सहज अंदाज में युवाओं से कहा, “आपके सुझाव मैंने देखे हैं, थैंक यू…”
इस सीधे संवाद के बाद युवाओं और सोशल मीडिया की नज़र में प्रधानमंत्री की छवि एक संवेदनशील और ‘कूल’ अभिभावक के रूप में स्थापित हुई है। जानकार मान रहे हैं कि पूरी त्वरित कार्रवाई और युवाओं के मुद्दों पर संवेदनशीलता का असली श्रेय अंततः पीएम मोदी के पाले में ही गया है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की हर हलचल पर शीर्ष नेतृत्व की सीधी नज़र बनी हुई है।
