महाराष्ट्र TET एग्जाम पेपर लीक को लेकर महा-एक्शन, बिहार से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड
दिल्ली में पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। केंद्र सरकार पेपर लीक मामले को लेकर एक्शन मोड में है। लेकिन इसी बीच महाराष्ट्र से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले का कथित मास्टरमाइंड आखिरकार बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है।
सवाल है—कौन है यह शख्स और पुलिस इसकी तलाश इतने दिनों से क्यों कर रही थी?
मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार से गिरफ्तार
महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह पिछले करीब तीन हफ्तों से फरार चल रहा था और उसकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। उसके साथ एक अन्य आरोपी इंद्रजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 14 हो गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बिजेंद्र गुप्ता इस पूरे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड था और परीक्षा से जुड़े कई लोगों के साथ मिलकर इस कथित साजिश को अंजाम दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर है कि गिरफ्तारी के बाद भिवंडी पुलिस बिजेंद्र गुप्ता को पुणे एयरपोर्ट ले आई। उम्मीद है कि आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए उसे जल्द ही भिवंडी ले जाया जाएगा। भिवंडी पहुंचने के बाद पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर सकती है।
आखिर क्या है महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला?
अब आपको बताते हैं कि महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मामला आखिर क्या है।
28 जून को महाराष्ट्र में TET की परीक्षा होने वाली थी। लेकिन एक दिन पहले ही इसका पेपर लीक हो गया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और पुलिस जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने ₹1.5 करोड़ में प्रश्नपत्र बेचने की कथित साजिश का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से चार प्रश्नपत्र सेट बरामद हुए। इससे पहले पुलिस बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी को भी गिरफ्तार कर चुकी थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राजनीति, जंतर-मंतर का प्रदर्शन और सवाल
अब ज़रा दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शन की तरफ़ आते हैं। जब इस TET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का मामला सामने आया, तो अभिजीत दीपके ने मीडिया में खूब बयान दिए। छाती पीट-पीटकर कहा गया कि “बीजेपी की सरकार एक परीक्षा भी सही तरीके से नहीं करवा सकती।”
लेकिन जब एक महीने से भी कम समय के भीतर इस पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड को पकड़ लिया गया, तो इसको लेकर कोई बातचीत नहीं होगी। अब इसको लेकर जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों की तरफ़ से कोई बयान नहीं आएगा।
