धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासत तेज, छात्रों को लेकर दिए गए बयान पर बढ़ा विवाद
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य देश में चल रहे विवाद का राजनीतिक या देश-विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग रोकना है और छात्रों को किसी भी तरह की कानूनी परेशानियों से बचाना है।
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा कि देश की एकता बनी रहे, छात्र आंदोलनों के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित न हो और छात्र अपनी पढ़ाई तथा करियर पर ध्यान दे सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा “देश-विरोधी तत्व जंतर-मंतर और पूरे देश में स्थिति का फायदा न उठा सकें, देश एकजुट रहे, भारत के छात्र कानूनी मुश्किलों में न फंसें और अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, इसलिए मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है।”
इस्तीफे के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो में अभिजीत दीपके छात्रों को संबोधित करते हुए कहते दिखाई देते हैं “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं। लोकतंत्र में डरना नहीं है। अगर आप झुकेंगे नहीं तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हो।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे छात्र आंदोलन की सफलता बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उसके बाद सामने आए बयानों ने इस पूरे मुद्दे को एक नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
