NEET के नाम पर क्रेडिट की होड़: आप और कांग्रेस में छिड़ी जंग, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ड्रामे की पोल खुली!
कल से आपकी सोशल मीडिया फीड ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रोटेस्ट वीडियो से भर गई होगी। हर तरफ़ सिर्फ और सिर्फ इसी की बात हो रही है। लेकिन इसी पूरे हंगामे के बीच राहुल गांधी को भी अचानक याद आया कि जब माहौल बना ही हुआ है, तो इस बहती गंगा में हाथ धो लिया जाए।
राहुल गांधी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और यह बताने के लिए कि “हम भी मैदान में हैं”, सीधे पीएम आवास की तरफ़ प्रोटेस्ट करने निकल पड़े। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने विपक्ष के इस पूरे ड्रामे का तमाशा बनाकर रख दिया।
एक प्रोपेगैंडा ने दूसरे प्रोपेगैंडा को किया ध्वस्त
आम आदमी पार्टी ने राहुल गांधी के इस पूरे दांव को एक झटके में ध्वस्त कर दिया। एक प्रोपेगैंडा ने दूसरे के प्रोपेगैंडा की हवा निकाल दी। आप नेता संजय सिंह और आतिशी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करके आरोप लगाया कि CJP के प्रोटेस्ट को कमज़ोर करने के लिए ही राहुल गांधी पीएम आवास की तरफ गए हैं।
सोचिए! एक तरह से उनका सीधा आरोप था कि राहुल गांधी इस पूरे प्रोटेस्ट को हाइजैक करने की कोशिश कर रहे हैं। यहाँ तक कि कांग्रेस को बीजेपी की ‘B-Team’ तक करार दे दिया गया। आतिशी तो इतने पर ही नहीं रुकीं, वे मीडिया पर भी अपना गुस्सा निकालने लगीं।
युवाओं का मुद्दा या ‘क्रेडिट’ की लड़ाई?
जो लोग आज सुबह तक युवाओं के भविष्य, शिक्षा और NEET जैसे गंभीर मुद्दों पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, वे अचानक प्रोटेस्ट का क्रेडिट लेने के लिए सोशल मीडिया पर आपस में ही भिड़ गए। इससे आप खुद समझ सकते हैं कि इन्हें छात्रों और युवाओं की कितनी चिंता है।
लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना सबका अधिकार है और यह जायज़ भी है, लेकिन प्रदर्शन खत्म होते ही उसके ‘क्रेडिट’ के लिए इस तरह सड़क और सोशल मीडिया पर लड़ते हुए शायद देश ने पहली बार देखा है। जो लोग संसद से लेकर सड़क तक ‘NEET-NEET’ और ‘Education-Education’ चिल्ला रहे थे, वे अचानक ‘क्रेडिट-क्रेडिट’ चिल्लाने लगे।
“कौन संजय सिंह?” और विपक्ष का असली चेहरा
हद तो तब हो गई जब इस पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेरुखी से कह दिया – “कौन संजय सिंह?”
यह बयान साफ बताता है कि विपक्ष के अंदर युवाओं के मुद्दे को लेकर कितनी संजीदगी है। यह सब मिलकर देश के छात्रों और युवाओं को मूर्ख बना रहे हैं और अपना-अपना राजनीतिक एजेंडा साधने में लगे हैं। इस बात का सबसे बड़ा सबूत किसी विरोधी ने नहीं, बल्कि इनके खुद के ट्वीट्स और बयानों ने देश के सामने रख दिया है।
