NEET Paper Leak: ‘गुनहगारों को मिलेगी ऐसी सजा जो नजीर बनेगी’, NDA बैठक में पीएम मोदी का कड़ा रुख; रीजीजू बोले- यह राष्ट्रीय समस्या
संसद के मॉनसून सत्र के बीच नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर सड़क से लेकर संसद तक भारी हंगामा देखने को मिला। एक ओर प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है।
संसद परिसर में हुई एनडीए (NDA) सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि नीट परीक्षा में धांधली करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नजीर बनेगी।
पेपर लीक किसी एक राज्य का नहीं, राष्ट्रीय मुद्दा: पीएम मोदी
एनडीए बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने प्रधानमंत्री के संदेश को सामने रखा। रीजीजू के अनुसार, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि:
- संगठित अपराध है पेपर लीक: यह मुद्दा केवल केंद्र सरकार या किसी एक राज्य का नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में फैला एक संगठित अपराध और राष्ट्रीय नासूर है।
- राजनीति का विषय नहीं: युवाओं का भविष्य बचाना दलगत राजनीति से ऊपर है। इस समस्या के खात्मे के लिए सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों को एकजुट होना पड़ेगा।
- कानून का शिकंजा: गड़बड़ी करने वाले कितने भी ताकतवर क्यों न हों, वे कानून से नहीं बच सकेंगे।
सरकार की तुरंत कार्रवाई और पारदर्शी री-एग्जाम
खबर सामने आते ही सरकार ने बिना समय गंवाए जांच के आदेश दिए और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। लाखों निर्दोष छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को जांच सौंपी और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा (Re-exam) का सफल आयोजन कराया।
संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू का बयान:
“प्रधानमंत्री जी ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले माफियाओं को कतई ढील नहीं दी जाएगी। यह पूरे देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है।”
‘आंदोलन की आड़ में भड़काने की साजिश’
जहाँ एक तरफ सरकार कड़े कदम उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक और राजनीतिक तत्वों पर छात्रों के गुस्से को भड़काने और अराजकता फैलाने के आरोप लग रहे हैं। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन की आड़ में बैरिकेडिंग तोड़ना, पत्थरबाजी करना और युवाओं को व्यवस्था के खिलाफ उकसाना समाधान नहीं है। सरकार का कहना है कि समाधान राजनीति से नहीं, बल्कि कड़े कानूनों, त्वरित कार्रवाई और राष्ट्रीय एकजुटता से ही निकलेगा।
