जंतर-मंतर प्रदर्शन: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा दावा, कहा- ‘छात्र आंदोलन की आड़ में देश विभाजन की साजिश’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो साझा करते हुए इस आंदोलन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी सांसद का दावा है कि विद्यार्थियों के समर्थन के नाम पर शुरू हुए इस प्रदर्शन के तार अलगाववादी तत्वों और विदेशी ताकतों से जुड़े हुए हैं।
खालिस्तानी आतंकी पन्नू के वीडियो से मचा हड़कंप
सांसद निशिकांत दुबे द्वारा साझा किए गए कथित वीडियो में प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़ा खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू नजर आ रहा है। वीडियो में पन्नू एक जूम मीटिंग के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को जारी रखने के लिए 10 लाख डॉलर (करोड़ों रुपये) की वित्तीय सहायता देने की बात करता सुनाई दे रहा है। दावे के मुताबिक, पन्नू ने अपने समर्थकों से 15 अगस्त तक प्रदर्शन जारी रखने और अलगाववादी झंडे फहराने की अपील की है। बीजेपी सांसद ने इस वीडियो के आधार पर सवाल उठाया है कि क्या जंतर-मंतर पर हो रहा प्रदर्शन देशहित में है या यह किसी देशविरोधी स्क्रिप्ट का हिस्सा है।
जंतर-मंतर पर तलवारों के प्रदर्शन और नारेबाजी का आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब निशिकांत दुबे ने इस प्रदर्शन पर निशाना साधा हो। इससे पहले भी उन्होंने एक वीडियो शेयर कर आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर नीले वस्त्र पहने निहंग सिखों द्वारा तलवारें लहराई गईं और कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए। निशिकांत दुबे का आरोप है कि इस आंदोलन को पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि विद्यार्थी आंदोलन के नाम पर कुछ तत्व इस्लामिक फ्रंट और अलगाववादी ताकतों के साथ मिलकर देश विभाजन की साजिश रच रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के डीसीपी घायल, पुलिसकर्मियों पर हमले का दावा
आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर चिंता जताते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी (डीसीपी) पर हमला कर दिया, जिससे उनका पैर टूट गया। सांसद ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर पुलिस अधिकारियों पर हमला करना और तलवारें तानना किस तरह का आंदोलन है?
विपक्ष और राहुल गांधी पर साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर निशिकांत दुबे ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश विरोधी ताकतों के इस रवैये पर कांग्रेस मौन है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए पूछा कि वे अपनी विदेश यात्राओं के दौरान बंद कमरों में किन लोगों से मुलाकात करते हैं? क्या इन गुप्त मुलाकातों का ऐसे आंदोलनों से कोई संबंध है? उन्होंने सवाल किया कि जब भी देश में अलगाववादी स्वर उठते हैं, तो विपक्षी दल उनके साथ खड़े क्यों दिखाई देते हैं?
उच्च स्तरीय जांच की मांग
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भारत सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मिल रही विदेशी फंडिंग और देशविरोधी नेक्सस की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन यदि कोई लोकतंत्र का सहारा लेकर देश को तोड़ने की साजिश रचेगा या विदेशी फंडिंग पर आधारित राजनीति करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
