मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, सीएम मोहन यादव के बयान पर छिड़ी चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा में हुए घटनाक्रम की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। इसकी दो प्रमुख वजहें हैं। पहली, विधानसभा ने भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक को पारित कर दिया। दूसरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाषण के कुछ हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
भारी हंगामे के बीच UCC विधेयक पारित
मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। सदन में नारेबाजी और तीखी बहस के बीच मतदान कराया गया, जिसके बाद विधेयक बहुमत से पारित हो गया।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक अधिकारों और दायित्वों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि विपक्ष ने इस पर अपनी असहमति दर्ज कराई।
UCC मसौदा तैयार करने के लिए बनी थी समिति
राज्य सरकार ने 27 अप्रैल 2026 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति में शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया था।
समिति ने प्रचलित कानूनों का अध्ययन करने के साथ-साथ प्रदेशभर में जन-परामर्श बैठकों के माध्यम से विभिन्न वर्गों से सुझाव भी प्राप्त किए, जिसके आधार पर UCC का मसौदा तैयार किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा?
विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में UCC लागू होने के बाद एक से अधिक विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है और राज्य समान नागरिक संहिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
एक अन्य बयान भी चर्चा में
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान उनके एक अन्य बयान की भी व्यापक चर्चा हुई। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में उनसे जुड़े कथन—”मुस्लिम तुष्टीकरण बंद करो” और “जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा” इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इन बयानों को लेकर विभिन्न दलों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। समर्थक इसे सरकार की वैचारिक स्पष्टता बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है।
