अमित शाह का ममता बनर्जी पर हमला, घुसपैठ रोकने को लेकर भी किया बड़ा ऐलान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए राज्य में डेयरी विकास से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सरकार की रणनीति भी साझा की।
अमूल परियोजना के कार्यक्रम में ममता पर साधा निशाना
रविवार को कोलकाता में अमूल के नए दही प्लांट की आधारशिला रखने के दौरान अमित शाह ने कहा कि उन्होंने पहले पश्चिम बंगाल सरकार से डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए दो भूखंड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता तो पश्चिम बंगाल पूरे पूर्वी भारत के डेयरी विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता था।
शाह ने कहा कि उस समय उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया था कि “गुजरात को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।” उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए ममता बनर्जी की नीतियों की आलोचना की।
सीमा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
इससे पहले नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को केवल एक अलग जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जिम्मेदारी (Territorial Responsibility) के तौर पर देखा जाना चाहिए।
उन्होंने बीएसएफ को निर्देश दिया कि त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में जिला प्रशासन, पुलिस, पंचायतों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाकर घुसपैठ और तस्करी के सभी रास्तों को बंद करने के प्रयास किए जाएं।
घुसपैठ और तस्करी पर सख्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश में “अननेचुरल डेमोग्राफिक चेंज” नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने अवैध घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, गौ तस्करी, नकली भारतीय मुद्रा, ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ की तैयारी
अमित शाह ने बताया कि केंद्र सरकार आधुनिक तकनीकों से लैस ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ पर काम कर रही है। इस परियोजना के तहत ड्रोन, रडार, अत्याधुनिक कैमरों और अन्य निगरानी प्रणालियों का उपयोग कर भारत-बांग्लादेश और भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
