पंजाब में मनरेगा कर्मचारियों के प्रदर्शन पर बवाल! पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार पर उठे सवाल

0
image (47)

“पंजाब में एक बार फिर प्रदर्शन… पुलिस की कार्रवाई… और अब सियासत तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मनरेगा कर्मचारियों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?”

पंजाब के खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। घटना के बाद अब यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

आखिर यह प्रदर्शन क्यों हो रहा था?

दरअसल, पंजाब के 23 जिलों और 250 ब्लॉकों से मनरेगा कर्मचारी Prem Bhandari Park के पास एकत्र हुए थे। वहां से उन्होंने मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद के आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया।

प्रदर्शनकारी अपनी कई लंबित मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इनमें सेवाओं का नियमितीकरण (Regularisation of Services), लंबित वेतन (Pending Wages) का भुगतान और कर्मचारी कल्याण से जुड़े उपायों (Employee Welfare Measures) को लागू करना प्रमुख मांगें थीं।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई दिखाई देने का दावा किया गया। कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों के घायल होने और आंसू गैस के इस्तेमाल के भी दावे किए गए हैं।

हालांकि, खन्ना के एसएसपी दर्पण अहलूवालिया ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी।

यहीं से विवाद और गहरा गया।

सरकार के आलोचकों का कहना है कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, तो बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं सरकार समर्थकों का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार की गई।

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है…

क्या पुलिस की कार्रवाई परिस्थितियों के अनुरूप थी? क्या प्रदर्शनकारियों की लंबित मांगों पर सरकार जल्द कोई फैसला लेगी? और क्या इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था?

फिलहाल इतना तय है कि मनरेगा कर्मचारियों के प्रदर्शन से शुरू हुआ यह मामला अब पंजाब की कानून-व्यवस्था, कर्मचारी अधिकारों और राजनीतिक जवाबदेही—तीनों के केंद्र में आ चुका है।

Leave a Reply

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading