ललिता गौतम हत्याकांड: बिना नाम लिए चंद्रशेखर आजाद पर बरसीं मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती एक बार फिर राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय नजर आ रही हैं। हाल ही में उन्होंने मेरठ की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच बिना किसी का नाम लिए ऐसा बयान दिया, जिसे राजनीतिक गलियारों में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पर सीधा हमला माना जा रहा है।
ललिता गौतम हत्याकांड से मचा हड़कंप
मेरठ की 20 वर्षीय छात्रा ललिता गौतम 15 मई को टीपी नगर क्षेत्र से लापता हो गई थीं। दो दिन बाद, 17 मई को उनका शव रोहटा इलाके में बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस बीच विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किए गए। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे।
टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद को मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था और उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
बाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चंद्रशेखर आजाद ने सिवाया टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
मायावती का बिना नाम लिए हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मायावती ने सोशल मीडिया पर बिना किसी नेता का नाम लिए कुछ संगठनों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “ऐसे संगठन राजनीतिक स्वार्थ के लिए इन वर्गों के दुखी-पीड़ित लोगों को भड़काकर और गुमराह करके उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करते हैं। सड़क जाम कराया जाता है, जिससे लाठीचार्ज जैसी स्थिति पैदा होती है।”
मायावती ने आगे कहा, “इसके बाद इनके मुखिया मगरमच्छ की तरह आंसू बहाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचते हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम करते हैं।”
बयान को लेकर शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
हालांकि मायावती ने अपने बयान में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे चंद्रशेखर आजाद पर अप्रत्यक्ष निशाना माना जा रहा है।
जांच जारी
ललिता गौतम हत्याकांड की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले में कार्रवाई जारी है और प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज होती जा रही है।
