पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: आरोपी सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, पुलिस के 18 सवाल खोलेंगे मौत का राज!
पुणे का बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड इस समय पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब एक बेहद अहम और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। पुलिस इस उलझी हुई मर्डर मिस्ट्री की हर एक परत को खोलने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल से पुलिस की मैराथन पूछताछ जारी है, लेकिन बयानों में लगातार आ रहे विरोधाभास के बाद अब पुलिस ने अपना सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। सिया गोयल से पूरा सच उगलवाने के लिए अब उसका लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराया जा रहा है।
धक्का देने की ‘प्रैक्टिस’ और पुलिस की सख्ती
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सिया गोयल को लगातार कड़ी पूछताछ के दौर से गुजरना पड़ रहा है। जांच टीम उसे न केवल घटना स्थल पर ले गई है, बल्कि उस जगह की भी निशानदेही की गई है जहां कथित तौर पर केतन को ऊंचाई से धक्का देने की ‘प्रैक्टिस’ यानी रिहर्सल की गई थी। इस सनसनीखेज खुलासे ने मामले को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घटना के पीछे कोई सोची-समझी गहरी साजिश थी या यह अचानक हुई किसी झड़प का नतीजा था।
लाई डिटेक्टर टेस्ट और 18 सुलगते सवाल
सिया के बयानों में छिपे झूठ को पकड़ने के लिए पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने पूरी तैयारी कर ली है। लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए जांच अधिकारियों ने करीब 18 बेहद तीखे और महत्वपूर्ण सवालों की एक विस्तृत लिस्ट तैयार की है। इन सवालों के जरिए सिया गोयल के दावों को परखा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इन 18 सवालों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- सिया की असल पहचान और बैकग्राउंड।
- मृतक केतन अग्रवाल और चेतन चौधरी के साथ उसके संबंधों की असलियत।
- 18 जून को लोहगढ़ फोर्ट (Lohagad Fort) पर उसकी मौजूदगी और वहां हुई कथित मुलाकात की टाइमलाइन।
- मर्डर की पूरी प्लानिंग और घटना के वक्त की डिजिटल लोकेशन शेयरिंग।
- केतन के साथ हुई शारीरिक झड़प (हाथापाई) और उसे धक्का देने के आखिरी पल।
डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश और छिपे हुए राज
पुलिस के पास इस बात के पुख्ता इनपुट्स हैं कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी। इसलिए, लाई डिटेक्टर टेस्ट में इस बात पर भी विशेष फोकस रहेगा कि घटना के तुरंत बाद मोबाइल और सोशल मीडिया से डिजिटल सबूतों को क्यों और कैसे मिटाया गया। पुलिस यह भी गहराई से जानना चाहती है कि क्या सिया के पास केतन अग्रवाल की मौत से जुड़ी कोई ऐसी छिपी हुई जानकारी है, जिसे उसने अब तक कानून और जांच एजेंसियों से छिपाकर रखा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में सबकी निगाहें इस लाई डिटेक्टर टेस्ट की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। क्या इस वैज्ञानिक जांच से केतन अग्रवाल की मौत का वो खौफनाक सच सामने आ पाएगा जो अब तक परदे के पीछे है? क्या सिया गोयल के झूठ का पर्दाफाश होगा? इन सभी सवालों के सटीक जवाब के लिए फिलहाल थोड़ा इंतजार करना होगा।
