: ‘दोषियों को मिले सख्त सजा, हिंदू समाज रखे धैर्य’: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले पर RSS के दत्तात्रेय होसबाले का पहला बड़ा बयान

0
untitled_design_2-sixteen_nine

अयोध्या/नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर की दानपेटियों से चढ़ावे की चोरी और हेराफेरी के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस कृत्य को “अत्यंत दुर्दैवी” बताते हुए मांग की है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।

दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में कहा, “अयोध्या में श्री राम लला मंदिर में रखी दानपेटियों से चोरी की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समाज और राम भक्तों की भावनाओं और श्रद्धा को गहरी ठेस पहुंचाई है। इस घटना से हम सभी बेहद आहत हैं।”

दोषियों को मिले कड़ी सजा और व्यवस्था में हो सुधार आरएसएस नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के जरिए सच सामने आना जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।”

इसके साथ ही उन्होंने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन से अपील की कि इस बेहद निंदनीय घटना को एक अपवाद माना जाए और व्यवस्था व संचालन की सभी कमियों को दूर करने के लिए अत्यंत गंभीरता से प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि करोड़ों राम भक्तों का विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बना भ्रम और अनिश्चितता का माहौल तुरंत समाप्त होना चाहिए।

हिंदू विरोधी ताकतों की साजिश से रहें सावधान: RSS दत्तात्रेय होसबाले ने इस संवेदनशील मोड़ पर पूरे हिंदू समाज से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं पूरे हिंदू समाज से आग्रह करता हूं कि वे इस कठिन समय में आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें। उन राष्ट्रविरोधी और हिंदू विरोधी ताकतों की साजिशों को नाकाम करें, जो हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने के लिए इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं।”

क्या है राम मंदिर दान चोरी मामला? राम मंदिर की दानपेटी से चढ़ावे की रकम की चोरी और हेराफेरी का यह मामला जून महीने में सामने आया था। शुरुआती जांच के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। इस मामले में मंदिर के दान-गिनती (Donation Counting) की प्रक्रिया से जुड़े अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की सघन जांच जारी है।

Leave a Reply

What’s next

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading