जज्बे को सलाम! मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी भीषण आग, 95 साल की बुजुर्ग महिला ने सूझबूझ से बचाई कई मरीजों की जान
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से मानवता और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। शहर के बैरिया स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में अचानक लगी भीषण आग के दौरान, अस्पताल में ही भर्ती एक 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई मरीजों की जान बचा ली। जहां आग लगने के बाद अस्पताल में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मची थी, वहीं इस उम्र में भी महिला ने घबराने के बजाय दूसरों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
प्रसाद हॉस्पिटल में शॉर्ट सर्किट से फैली आग
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के बैरिया इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। देखते ही देखते अस्पताल की एक मंजिल पर धुआं और आग की लपटें फैलने लगीं। अस्पताल के कर्मचारी और मरीज अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी वार्ड में 95 साल की एक बुजुर्ग महिला भी इलाज के लिए भर्ती थीं।
खुद को संभालने के साथ दूसरों को दी हिम्मत
अस्पताल में भगदड़ की स्थिति के बीच, इस बुजुर्ग महिला ने गजब का हौसला दिखाया। वह खुद लाचार और बीमार थीं, लेकिन आग की लपटें देखकर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने न केवल खुद को संभाला, बल्कि वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों को भी सुरक्षित रास्ते की तरफ जाने के लिए गाइड किया। धुएं से घिरे माहौल में उन्होंने चिल्ला-चिल्लाकर लोगों को सही दिशा में भागने और हौसला बनाए रखने को कहा, जिससे कई लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल सके।
दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
अस्पताल में आग लगने की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने अस्पताल के शीशे तोड़कर अंदर फंसे मरीजों और उनके परिजनों को रेस्क्यू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि इस हादसे में समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
अस्पताल प्रशासन और लोगों ने की बुजुर्ग महिला की तारीफ
हादसे के बाद हर तरफ इस 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बहादुरी और सूझबूझ की चर्चा हो रही है। अस्पताल के स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर उस वक्त यह बुजुर्ग महिला साहस न दिखातीं, तो भगदड़ में कई लोग घायल हो सकते थे या धुएं के कारण दम घुटने से बड़ा हादसा हो सकता था। इस उम्र में भी उनके इस जज्बे ने साबित कर दिया कि हौसला हो तो किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।
