शोभा मजूमदार का दर्द नहीं भूला बंगाल, अब अभिषेक बनर्जी पर निकला गुस्सा?

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हिंसा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के बाद पार्टी लगातार विरोध दर्ज करा रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने 2021 की एक पुरानी घटना को फिर से चर्चा में ला दिया है, जिसमें बीजेपी कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार की मां शोभा मजूमदार गंभीर रूप से घायल हुई थीं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई थी।

अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने अभिषेक बनर्जी के काफिले पर पथराव किया। इस दौरान उन पर जूते-चप्पल और अंडे भी फेंके गए। घटना के बाद टीएमसी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

लेकिन इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शोभा मजूमदार के मामले को याद करते हुए टीएमसी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। लोगों का कहना है कि जब शोभा मजूमदार पर हमला हुआ था, तब पार्टी का रवैया अलग था।

कौन थीं शोभा मजूमदार?

यह मामला वर्ष 2021 का है। शोभा मजूमदार बीजेपी कार्यकर्ता गोपाल मजूमदार की 85 वर्षीय मां थीं। आरोपों के मुताबिक, उत्तर 24 परगना जिले के निमटा इलाके में गोपाल मजूमदार और उनकी मां पर हमला किया गया था, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

हमले के बाद शोभा मजूमदार ने कहा था कि उनके बेटे को बीजेपी से जुड़े होने के कारण पीटा गया और उन्हें भी धक्का दिया गया, जिससे वे घायल हो गईं।

इसके बाद शोभा मजूमदार लगभग एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहीं और बाद में उनका निधन हो गया। उस समय उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बयां की थी। घटना के बाद बीजेपी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया था, जबकि इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी।

सोशल मीडिया पर फिर उठा पुराना मामला

अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शोवा मजूमदार की घटना को याद करते हुए टीएमसी की आलोचना की।

एक यूजर ने लिखा कि “जब शोवा मजूमदार और उनके बेटे पर हमला हुआ था, तब टीएमसी की ओर से वैसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली थी जैसी अब अभिषेक बनर्जी के मामले में देखने को मिल रही है।”

वहीं एक अन्य यूजर ने दावा किया कि “2021 की घटना को लेकर भी न्याय और जवाबदेही के सवाल उठाए जाने चाहिए।”

जेपी नड्डा के काफिले पर हमले की भी हो रही चर्चा

सिर्फ शोभा मजूमदार का मामला ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले को भी याद कर रहे हैं।

दिसंबर 2020 में कोलकाता दौरे के दौरान दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर इलाके में जेपी नड्डा के काफिले पर पथराव हुआ था। उस समय बीजेपी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए थे। इस घटना को लेकर भी राज्य की राजनीति काफी गरमा गई थी।

अब अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद विपक्षी समर्थक इन पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए टीएमसी से सवाल पूछ रहे हैं, जबकि टीएमसी इसे राजनीतिक हिंसा का ताजा उदाहरण बता रही है।

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