TN Politics: तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक दांव, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय की TVK से मांगी राज्यसभा सीट; जानें क्या है प्लान
चेन्नई/नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में शुरू हुआ गठबंधन का नया दौर अब देश की संसद तक पहुंचने लगा है। हाल ही में डीएमके (DMK) से दशकों पुराना नाता तोड़कर अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के साथ सरकार बनाने वाली कांग्रेस ने अब एक बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस ने जून के मध्य में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री विजय की पार्टी से तमिलनाडु की इकलौती खाली सीट मांगी है।
गठबंधन के बदले बड़ा इनाम चाहती है कांग्रेस?
सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कुछ दिन पहले ही टीवीके नेतृत्व के सामने राज्यसभा सीट की यह इच्छा जताई है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब यह माना जा रहा था कि इस उपचुनाव के जरिए नवगठित टीवीके (TVK) संसद में अपना पहला कदम रखेगी।
हाल ही में हुए चुनावों में जब विजय की पार्टी 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत (118 सीट) से दूर रह गई, तब कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन देकर राज्य में गठबंधन सरकार बनवाई। इसके बदले पिछले हफ्ते ही विजय ने कांग्रेस के दो विधायकों को अपनी कैबिनेट में मंत्री भी बनाया है। अब कांग्रेस इस उपचुनाव के जरिए दिल्ली में भी अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
रेस में कौन-कौन से नाम हैं आगे?
कांग्रेस आलाकमान की संभावित सूची में कुछ बड़े नाम चल रहे हैं:
- प्रवीण चक्रवर्ती: एआईसीसी (AICC) टेक्नोलॉजी और डेटा सेल के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती का नाम इस रेस में सबसे आगे है। उन्होंने और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने शुरुआत से ही टीवीके के साथ गठबंधन की वकालत की थी।
- के. सेल्वापेरुन्थागाई: तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई भी इस सीट के लिए बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।
क्या है विजय (TVK) का प्लान?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट अन्नाद्रमुक (AIADMK) के एक सांसद के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जिसका कार्यकाल अभी 2 साल का बचा है। टीवीके इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारकर राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री चाहती थी। हालांकि, मुख्यमंत्री विजय अभी इस पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
विजय हाल ही में दिल्ली के दौरे पर थे जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, लेकिन गांधी परिवार से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। कांग्रेस का कहना है कि विजय की अगली दिल्ली यात्रा के दौरान कांग्रेस नेतृत्व के साथ इस विषय और राज्यसभा सीट पर अंतिम चर्चा की जाएगी।
