ममता के बाद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पहले ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित बयान को लेकर मामला दर्ज हुआ और अब उनके भतीजे व टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी भी कानूनी विवाद में फंस गए हैं।
दरअसल, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कथित तौर पर गुजराती समुदाय को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि मई की शुरुआत में डायमंड हार्बर के फालता इलाके में मतदान रद्द होने के बाद अभिषेक बनर्जी काफी नाराज थे। इसी दौरान उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि “बंगाल विरोधी गुजराती गैंग और उनके चमचे ज्ञानेश कुमार के लिए मेरे डायमंड हार्बर मॉडल में सेंध लगाने के लिए दस जन्म भी कम पड़ जाएंगे।” उनके इस पोस्ट के बाद विवाद शुरू हो गया था।
अब इसी पोस्ट को लेकर भवानीपुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने गुजराती समुदाय के लिए ‘गैंग’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया, जो आपत्तिजनक और समाज में नफरत फैलाने वाला माना जा रहा है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, भवानीपुर निवासी अर्नब कांति दास ने यह शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता अर्नब कांति दास ने कहा कि “एक सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी ने संविधान और देश की एकता बनाए रखने की शपथ ली है, लेकिन उन्होंने गुजराती समुदाय के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो अपराध और अंडरवर्ल्ड से जुड़े माने जाते हैं।” शिकायत में यह भी कहा गया कि गुजराती समुदाय देश और बंगाल की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान देता है और ऐसे बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं।
इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दुश्मनी में संवैधानिक संस्थाओं को घसीटना और पूरे समुदाय को निशाना बनाना देश और संविधान के खिलाफ माहौल तैयार करने जैसा है। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी तरफ, ममता बनर्जी भी विवादों में घिरी हुई हैं। उनके खिलाफ भी सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने दर्ज कराई है।
रिंकी चटर्जी का कहना है कि टीएमसी नेताओं की ओर से पहले भी हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दिए जाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। अब इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में सियासी घमासान और तेज हो गया है।
