मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ में जनता की उमड़ी भीड़, 81 वर्षीय बुजुर्ग भी पहुंचे
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ममता बनर्जी की सरकार लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन अब उनकी सरकार पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सरकार बदलने के बाद अब आम लोगों को अपनी बात रखने और न्याय की उम्मीद मिलने लगी है।
इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ‘जनता दरबार’ लगातार चर्चा में बना हुआ है। सोमवार को साल्टलेक स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में दूसरा ‘जनता दरबार’ लगाया गया, जहां सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यालय के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं और आसपास की गलियां लोगों से भर गईं।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पहुंचने से पहले ही सैकड़ों लोग हाथों में फाइलें, आवेदन और ज्ञापन लेकर वहां पहुंच चुके थे। कोई नौकरी की मांग लेकर आया था तो कोई वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में पहुंचा था। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहीं महिलाओं से लेकर अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि भी अपनी शिकायतें लेकर जनता दरबार में मौजूद रहे।
नौकरी और भर्ती से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा
सूत्रों के अनुसार, करीब 100 लोगों और कई प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सबसे ज्यादा शिकायतें रोजगार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी थीं। स्कूलों में भर्ती रद्द होने से प्रभावित 26 हजार योग्य शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने योग्यता के आधार पर नौकरी बहाल करने की मांग की।
इसके अलावा तकनीकी शिक्षा संस्थानों में स्थायी भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करने और सेवा शर्तों में सुधार की मांग भी उठाई गई।
81 वर्षीय बुजुर्ग की कहानी ने किया भावुक
जनता दरबार में एक 81 वर्षीय बुजुर्ग प्रबीर मुखोपाध्याय भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उनकी कहानी सुनकर माहौल भावुक हो गया। उन्होंने कथित जमीन और फ्लैट घोटाले की शिकायत करते हुए कहा कि एक विकास परियोजना के लिए उन्होंने अपनी पैतृक जमीन दी थी, लेकिन निर्माण पूरा होने के बावजूद उन्हें वादा किया गया फ्लैट नहीं मिला। इसी वजह से उन्हें अपनी पत्नी के साथ किराए के घर में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ममता सरकार पर उठ रहे सवाल
अब विपक्ष और भाजपा समर्थक दावा कर रहे हैं कि जनता दरबार में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि लंबे समय से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। उनका कहना है कि जनता की परेशानियां अब खुलकर सामने आ रही हैं और यही ममता सरकार के कामकाज पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।
