PM Modi Italy Visit: रोम में गूंजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे, पूर्व कांग्रेसी नेता ने राहुल गांधी पर कसा तंज- “अब कहाँ जाओगे?”
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 देशों के ऐतिहासिक विदेश दौरे के अंतिम पड़ाव ने भारत के सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। दौरे के आखिरी दिन जब प्रधानमंत्री मोदी इटली के रोम शहर पहुंचे, तो वहां भारतीय समुदाय द्वारा उनका जो भव्य स्वागत किया गया, उसकी गूंज अब दिल्ली तक सुनाई दे रही है। इस घटनाक्रम को लेकर देश के भीतर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं।
रोम में गूंजे मोदी के नारे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए इटली की राजधानी रोम में भारतीय मूल के लोग भारी तादाद में एकत्र हुए। इस दौरान वहां का माहौल पूरी तरह ‘मोदी-मोदी’ के नारों से सराबोर नजर आया। सोशल मीडिया पर इस नजारे की तुलना प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से की जा रही है, जहां लोग पीएम की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाथ हिलाकर और लोगों के करीब जाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
राहुल गांधी के ‘ननिहाल’ को लेकर तंज
इटली का कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से गहरा नाता रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी मूल रूप से इटली की रहने वाली हैं, जिसके चलते राजनीतिक गलियारों में इटली को राहुल गांधी का ‘ननिहाल’ भी कहा जाता है। इसी संदर्भ को लेकर पूर्व कांग्रेसी नेता और कभी राहुल गांधी के बेहद करीबी रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी के इटली दौरे की चार तस्वीरें साझा करते हुए सीधे राहुल गांधी को टैग किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा:
“ननिहाल में भी मोदी-मोदी, अब “कहाँ” जाओगे…?”
सालों तक कांग्रेस के भीतर रहे नेता द्वारा इस तरह सरेआम राहुल गांधी पर निशाना साधे जाने के बाद विपक्षी खेमे में असहज स्थिति पैदा हो गई है।
‘रोम भी राम का हुआ’
इटली के इस दौरे पर सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का अंदाज भी चर्चा का विषय बना रहा। पीएम मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
इस वीडियो को रीपोस्ट करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष पर एक और तंज कसा और लिखा- “रोम भी “राम” का हुआ।”
इस बयान के जरिए समर्थकों द्वारा यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि जो रोम कभी सोनिया गांधी का घर था, आज वह भी भारत के प्रधानमंत्री और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ इटली तक सीमित नहीं था। उन्होंने इस यात्रा के दौरान नॉर्वे सहित अन्य देशों का भी दौरा किया, जहां विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों ने भारत का स्वागत एक उभरती हुई ‘वैश्विक महाशक्ति’ के रूप में किया। आज दुनिया के बड़े और विकसित देश भारत के साथ व्यापार और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, देश के भीतर इस दौरे और प्रधानमंत्री की ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ को लेकर राजनीति गर्म है। जहां सत्ता पक्ष इसे वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ने से जोड़कर देख रहा है, वहीं आलोचकों और विपक्ष द्वारा इस पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का असर आगामी दिनों में घरेलू राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
