प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, जानिए कौन हैं नए शिक्षा मंत्री और क्यों हो रही है उनकी चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। रविवार को उन्होंने आधिकारिक तौर पर मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस नियुक्ति के बाद प्रह्लाद जोशी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी उनसे जुड़े कई पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें लोकसभा और सार्वजनिक मंचों पर दिए गए उनके भाषण साझा किए जा रहे हैं, जिनमें वे कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए दिखाई देते हैं। इन वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
कार्यभार संभालने के बाद क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर भरोसा जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बताया कि वे कर्नाटक से लौटने के बाद सीधे मंत्रालय पहुंचे और कार्यभार संभाल लिया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल वे मंत्रालय के सभी विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ले रहे हैं। उनके अनुसार शिक्षा मंत्रालय एक बड़ा और महत्वपूर्ण विभाग है, इसलिए पहले इसकी पूरी कार्यप्रणाली को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय को विस्तार से समझने के बाद ही वे आगे की योजनाओं और प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात करेंगे।
क्यों चर्चा में हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। संसद में वे कई बार विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, के आरोपों का जवाब देते रहे हैं। आरएसएस से जुड़े मुद्दों पर भी उनके कई भाषण पहले चर्चा का विषय बन चुके हैं, जिनके वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर
जन्म कर्नाटक के विजयपुरा (बीजापुर) में हुआ।
छात्र जीवन से ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े।
वर्ष 1995 में सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
1995 से 1998 तक कर्नाटक के धारवाड़ में भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे।
2004 से 2024 तक लगातार पांच बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
वर्तमान में कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं।
